पीडीडीयू नगर। चंदौली नगर की चरमराई पेयजल व्यवस्था को सुधारने के लिए गंगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नई कार्य योजना तैयार कर मंजूरी के लिए शासन को भेज दी है। करीब 31.94 करोड़ से तैयार कार्य योजना के पूरी होने के बाद नगर के 3769 घरों में शुद्ध पेयजल पहुंचने लगेगा। योजना के तहत पानी की दो नई टंकियां बनाई जाएंगी जबकि निष्प्रयोज्य पड़ी एक टंकी को भी सक्रिय किया जाएगा। इन टंकियों के पानी को 53.32 किलोमीटर पाइप लाइन के जरिए घरों तक पहुंचाया जाएगा। स्टेट लेबल हाई पॉवर से अनुमति मिलने के बाद योजना से जुड़े कार्य शुरू किए जाएंगे।
शासन की ओर से चल रही अमृत 02 योजना के तहत जिले के नगरीय क्षेत्रों में हर घर को नल से जोड़ने की जिम्मेदारी गंगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दी गई है। दरअसल, जलनिगम को नगरी व ग्रामीण में विभक्त कर दिया गया है। नगरी क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी गंगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर है। बोर्ड ने पीडीडीयू नगर को उत्तरी व दक्षिणी जोन में बांटकर योजना बनाई है। वहीं चंदौली नगर के लिए भी नई पेयजल योजना बनाई गई है। वर्तमान में नगर में पानी की व्यवस्था नगर पंचायत के जिम्मे है। नगर पंचायत की ओर से की गई व्यवस्था के तहत 1744 घरों में ही पानी के कनेक्शन हैं। नई योजना के बाद कनेक्शनों की संख्या बढ़ाकर 3769 की जाएगी ताकि अधिक घरों तक पानी पहुंचाया जा सके।
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बनाई जाएंगी दो नई टंकिया
योजना के तहत आंबेडकर नगर में एक हजार किलोलीटर और लाल बहादुर शास्त्री नगर में 650 किलोलीटर क्षमता की दो नई टंकियां बनाई जाएंगी। इन टंकियों में पानी भरने के लिए दो-दो ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। टंकियों के पानी को पाइप लाइन के जरिए घरों तक पहुंचाया जाएगा।
नगर के गौतम नगर, वार्ड 12 में कुछ वर्ष पूर्व 18 सौ किलोलीटर क्षमता की टंकी बनाई गई थी। साथ ही पानी चढ़ाने के लिए ट्यूबवेल भी लगाया गया था। इसके बावजूद पाइप लाइन से कनेक्शन न जोड़े जाने से यह टंकी निष्प्रयोज्य पड़ी हुई है। वक्त की मार झेलने से टंकी क्षतिग्रस्त भी हो गई है। अब गंगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस टंकी की मरम्मत कराकर इसे भी उपयोग में लाएगा। योजना में इसे भी शामिल किया गया है।
नगर पंचायत चंदौली में पेयजल व्यवस्था के विस्तारण के लिए नई कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत नगर में पानी की दो नई टंकियां बनाने के साथ पाइप लाइन के जरिए घरों तक पानी पहुंचाया जाएगा। वीरसेन, सहायक अभियंता, गंगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।