समय से रिपोर्ट प्रस्तुत न करने पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने आठ अप्रैल को प्रधान सचिव और अध्यक्ष यूपीपीसीएल को व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
चहनिया विकास खंड के महुवर कला गांव में मई 2024 में शादी समारोह में झालर लगाते समय एक मजदूर शशिकांत की मौत हो गई थी। शशिकांत धानापुर थाना क्षेत्र के नरौली गांव का रहने वाला था। मामला प्रकाश में आने के बाद जून 2024 में मानवाधिकार सीडब्लूए के चेयरमैन योगेंद्र कुमार सिंह (योगी) ने प्रकरण की शिकायत आयोग में की थी।
मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिलाने के लिए अनुरोध किया था। आयोग ने मामले में 19 जनवरी 2026 तक प्रधान सचिव, ऊर्जा विभाग और अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड को भारतीय विद्युत अधिनियम की धारा 161 के तहत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद अधिकारियों ने रिपोर्ट नहीं दी।
आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रधान सचिव ऊर्जा और अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड को 8 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे रिपोर्ट के साथ तलब किया है। कहा कि यदि रिपोर्ट 06 अप्रैल को या उसके पहले आयोग में प्राप्त हो जाती है, तो अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता नहीं होगी।