सकलडीहा पीजी कॉलेज में पढ़ाई में दुर्व्यवस्था के खिलाफ बुधवार को
छात्र-छात्राओं ने गेट पर तालाबंदी करके तीन घंटे तक प्राचार्य को बंधक
बनाए रखा।
इस दौरान कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके
पर पहुंचे सीओ सकलडीहा व कोतवाली पुलिस ने समझा बुझा कर नाराज छात्रों को
शांत कराया और प्राचार्य को दोपहर दो बजे मुक्त कराया। आंदोलन की अगुवाई
आर्यन यादव ने की।
विद्यार्थियों का कहना है कि कॉलेज पुस्तकालय में
छात्रों के लिए पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं। इससे बीए व एमए की कक्षाएं
सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं। इस अव्यवस्था पर छात्रों ने
बुधवार को कॉलेज में ताला बंदी करके प्राचार्य को घंटों बंधक बनाया।
उनका
कहना था कि हर वर्ष छात्रसंघ चुनाव का शुल्क 1 लाख 70 हजार रुपये व
सांस्कृतिक कार्यक्रम कराने के लिए हर छात्र से चालीस रुपये शुल्क लिया
जाता है। इस वर्ष छात्रसंघ चुनाव भी नहीं कराया गया। पढ़ाई के लिए पुस्तकें
भी नहीं हैं। छात्रों से वसूले गए शुल्क से ही यूजी व पीजी की किताबें
मंगाई जायें, ताकि शिक्षण कार्य शुरू हो सके।
छात्रों ने कहा कि परीक्षा
नजदीक होने के बाद भी कॉलेज प्रशासन छात्रों के हित में ध्यान नहीं दे रहा
है। प्राचार्य को बंधक बनाने के बाद छात्रों ने प्रशासन के विरुद्ध जमकर
नारेबाजी की।
चेताया कि अगर दुर्व्यवस्था दूर नहीं हुई तो वह आंदोलन के
लिए बाध्य होंगे। इधर आंदोलन की जानकारी मिलने के बाद सीओ श्यामदेव बिंद,
कोतवाल अजय अवस्थी ने कालेज पहुंच कर प्राचार्य को मुक्त कराया।
और उनकी
मांग पूरी कराने का आश्वासन दिया। इस बाबत प्राचार्य विजय शंकर पांडेय ने
बताया कि छात्रों ने किताबें मंगाने के लिए हंगामा किया था। यह कमी जल्द
दूर की जाएगी। इस दौरान सत्यप्रकाश यादव, शिवलोक यादव, ओमप्रकाश, पंकज
कुमार, अखिलेश कुमार पाल, प्रियंका मिश्रा, सुजीता कुमारी, सुमन, अर्चना
यादव, नन्दिनी जायसवाल, सुनीता राय, कल्पना राय, पूनम मौर्या व काजमा बानो
आदि रहे।