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स्कूल बस चालकों के लिए जरूरी हुआ पुलिस वेरिफिकेशन

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पीडीडीयू नगर। जिले में संचालित निजी स्कूलों के बस चालकों के लिए पुलिस वेरिफिकेशन आवश्यक हो गया है। एआरटीओ ने निजी स्कूल संचालकों से स्कूली बस चालकों की सूची, ड्राइविंग लाइसेंस और पुलिस वेरिफिकेशन से संबंधित प्रमाण पत्र की मांग की है। इसके लिए एआरटीओ ने डीआईओएस और बीएसए को पत्र भी लिखा है। सूत्रों के अनुसार विभाग के पास किसी भी स्कूल बस चालक का पुलिस वेरिफिकेशन से संबंधित प्रमाण पत्र नहीं है।
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स्कूल प्रबंधन और बस चालकों की लापरवाही से बढ़ रही घटनाओं को लेकर जिले में उप संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाना शुरू कर दिया है। फिटनेस प्रमाण पत्र के बिना सड़क पर दौड़ स्कूली वाहनों को सीज करने के साथ ही विभागीय डाटा को अपडेट करना शुरू कर दिया है। एआरटीओ चंदौली ने जिलेभर में संचालित निजी स्कूलों के प्रबंधकों से उनके यहां मौजूद बसों के चालकों की सूची, ड्राइविंग लाइसेंस लेकर पुलिस वेरिफिकेशन से संबंधित दस्तावेजों की मांग की है। इसके लिए एआरटीओ ने जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर स्कूलों से संबंधित जानकारी मंगवाने को कहा है। विभाग सभी सूचनाओं को अपने यहां अपडेट करके उसे शासन को भेजा जाएगा। हालांकि स्कूली वाहनों के चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं होने के संबंध में खबर अमर उजाला ने 26 अप्रैल के अंक में प्रकाशित की थी।
पीडीडीयू नगर। जिले में स्कूूलों से संबंद्ध वाहनों के अलावा डग्गामार वाहनों में बच्चों को धड़ल्ले से ढोया जा रहा है। ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के मामले में विभाग की ओर से सुस्ती बरती जा रही है। सवाल है कि डग्गामार स्कूली वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग को किसी हादसे का इंतजार है क्या । संवाद
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पीडीडीयू नगर। उप संभागीय परिवहन विभाग के दस्तावेजों में दर्ज 813 में से 383 स्कूली वाहन अनफिट है। जो कि बिना किसी रोक टोक के बच्चों की जान को सांसत में डालकर सड़कों पर दौड़ रहे है। गाजियाबाद में छात्र की मौत के बाद शासन की ओर से सख्त रूख अपनाये जाने के बाद जिले में संबंधित विभाग के अधिकारी हरकत में आये है। संवाद
स्कूल प्रबंधन से बस चालकों की सूची, ड्राइविंग लाइसेंस समेत पुलिस वेरिफिकेशन से संबंधित दस्तावेज मांगे गये हैं। इसके लिए डीआईओएस और बीएसए को पत्र भी लिखा गया है।
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डॉ. दिलीप गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन, चंदौली
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