इसी दौरान किशोर कुमार की पत्नी नैंसी ने वीडियो जारी कर अस्पताल प्रशासन पर पति को गलत दवा देने का आरोप लगाया। इसके लिए नैंसी ने डीआरएम को पत्र भी लिखा। वहीं इसको लेकर लोको पायलट के परिजन और अन्य लोगों ने चिकित्सक और चिकित्सा कर्मियों के धक्का मुक्की की और अस्पताल में हो हल्ला किया।
इस मामले में अस्पताल के डाॅ. राजीव की शिकायत पर आरपीएफ ने किशोर की पत्नी नैंसी, किशोर कुमार सहित पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं दूसरी तरफ किशोर कुमार की पत्नी सहित अन्य ने अलीनगर थाने में शिकायत की। वहीं एसपी से भी गुहार लगाई।
इस बीच 17 नवंबर को किशोर कुमार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। बावजूद इसके किशोर कुमार अस्पताल से नहीं हटे। इस पर शनिवार को सीएमएम ने इसकी शिकायत अलीनगर थाने से की। इसके बार मौके पर पीडीडीयू एसडीएम अनुपम मिश्र और अलीनगर पुलिस अस्पताल में पहुंची। पुलिस ने किशोर कुमार, उसकी पत्नी नैंसी और उसकी बेटी को अपने साथ ले गई।
इस संबंध में सीएमएम डॉ. केशव चंप्रमनारी ने कहा कि किशोर कुमार के सीने में दर्द था। उसका इलाज किया गया। ठीक होने पर डिस्चार्ज किया गया था। वहीं किशोर कुमार और उसकी पत्नी हो हल्ला कर रही है। इसकी शिकायत की गई थी। इसके आधार पर पुलिस उन्हें साथ ले गई है।
अलीनगर थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि कार्रवाई अस्पताल प्रशासन की शिकायत पर की गई है। दूसरी तरफ किशोर कुमार और उनकी पत्नी का आरोप है कि प्रशासन एकतरफा कार्रवाई कर रहा है। उसकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई।