भीषण गर्मी और धूप के चलते जानवर से लेकर इंसान भी छांव की तलाश करता है। सभी लोग गर्मी से बचने के लिए तमाम उपाय भी करते है। इन सबके बीच वर्दीधारी सिपाही तपती सड़क पर चिलचिलाती धूप में सड़क पर ड्यूटी कर रहा होता है। 40 डिग्री तापमान के बीच सड़क पर ड्यूटी करने वाले सिपाहियों के लिए छांव की कोई व्यवस्था नहीं है।
शहर में कानून व्यवस्था से लेकर यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए प्रतिदिन सिपाहियों की ड्यूटी सड़क पर लगाई जाती है। दिनभर गश्त से लेकर घंटो तक सड़क पर खड़े रहकर सिपाहियों द्वारा ड्यूटी की जाती है। चालीस डिग्री तापमान के बीच तपती सड़क पर आसमान से बरस रही आग के बीच ड्यूटी करने के साथ वीआईपी मूवमेंट में सड़का पर यातायात को सामान्य बनाये रखना काफी कठिन कार्य होता जाता है। इसके बावजूद विभाग के आलाधिकारियों की ओर से पुलिसकर्मियों के लिए छांव की व्यवस्था नहीं की गई है। इसके साथ सिपाहियों के लिए पानी पीने के इंतजाम में भी नहीं है। हालांकि कुछ स्थानों पर नगर पालिका की ओर से लगाये वाटर कूलर से इन्हें राहत तो मिलती है लेकिन कई स्थानों पर कोई व्यवस्था नहीं होने पर आसपास की दुकानों पर पानी के लिए निर्भरता हो जाती है।
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लगातार खड़े रहने से शरीर पर पड़ता है दुष्प्रभाव
पीडीडीयू नगर। दिनभर खड़े रहने से शरीर पर इसका दुष्प्रभाव भी पड़ता है। जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. आरके वर्मा ने बताया कि खड़े होने के दौरान दिल इतना सक्षम नहीं होता कि टखनों, पिंडलियों और पांव से वापस पर्याप्त खून पंप कर सके, इसलिए इसमें पुराना खून एकत्र होता रहता है। ऑक्सीजन, न्यूट्रिएंट देने वाला और टॉक्सिन हटाने वाला ताजा खून न होने की वजह से मांसपेशियां दर्द महसूस करने लगती हैं। लगातार खड़े रहने से पैरों पर दबाव पड़ता है और इससे नशे टेढी हो जाती है। इससे बचने के लिए पुलिसकर्मी लगातार खड़े रहने से बचे और बीच-बीच में बैठकर थोड़ी-थोड़ी देर में आराम जरूर करें। अपने पैरों को हल्के हाथ से सहला दे जिससे खून का बहाव निरंतर बना रहे।
रिपोर्ट - कमलजीत सिंह
बाइट - 1863