जिलाधिकारी संजीव सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पर्यावरण समिति की बैठक हुई। इस दौरान जिलाधिकारी ने समिति के सदस्यों को पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए गंगा नदी के किनारे रहने वाले ग्रामीणों व लोगों को लगातार जागरूक करने का निर्देश दिया। साथ ही अधिकाधिक संख्या में पौधरोपण करने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गंगा नदी में नालों के माध्यम गिरने वाले गंदे पानी, कूड़ा करकट वाले जगहों को चिह्नित कर उन्हें रोकने के लिए जरूरी कदम उठाया जाएं। साथ ही गंगा के किनारे बसे गांववासियों को जागरूक किया जाए कि वे खुले में शौच न करें और कूड़ा करकट नदी में न फेंके। डीएम ने कहा कि मृत पशुओं को गंगा में प्रवाहित न कर उसको गड्ढा खोदकर ऊपर से मिट्टी से अच्छे से ढक दें, ताकी कोई मांसाहारी जानवर या आवारा कुत्ते उसको बाहर न निकाल सकें। साथ ही गंगा के किनारे अधिक संख्या में पौधरोपण करें। लोगों को पर्यावरण बचाने के लिए जागरूक करें, जिससे पर्यावरण भी शुद्ध रहेगा और गंगा किनारों पर बाढ़ से कटान में कमी आएगी। इस मौके पर सीडीओ अजितेंद्र नारायण, वनाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उपायुक्त उद्योग सहित अन्य लोग मौजूद रहे।