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नहीं थम रहा लोगों में चीन के प्रति आक्रोश

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कंदवा। भारत-चीन सीमा पर गलवां में चीनी सैनिकों के धोखे से हमला करने की घटना में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने पर लोगों में काफी आक्रोश है। क्षेत्रीय लोगों ने केंद्र सरकार से चीन से हर तरह का रिश्ता खत्म करने और देश की जनता से चीनी सामानों के बहिष्कार की अपील की है।
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कम्हरिया गांव निवासी पूर्व सैनिक परिखा सिंह का कहना है कि भारत के सामने चीन लगातार बाधाएं खड़ी कर रहा है। चीन को सबक सिखाने के लिए चीन में बने सामानों का बहिष्कार करना जरूरी है। जलालपुर निवासी सन्नी सिंह का कहना है कि चीन हमेशा से पीठ पीछे वार करता है। उसे सबक सिखाने के लिए सरकार को चीन में निर्मित सामानों पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाए जाने की जरूरत है। अगर रोक सम्भव नहीं है तो सरकार द्वारा चीन निर्मित सामानों पर 500 गुना टैक्स लगाया जाना चाहिए। प्राथमिक शिक्षक संघ बरहनी के अध्यक्ष डॉ. संजय सिंह का कहना है कि आतंकवाद के मुद्दे पर भी चीन का व्यवहार ठीक नहीं है। आतंकवाद के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र संघ में जिस तरह से चीन पाकिस्तान का बचाव करने का प्रयास कर रहा है उसे पूरा विश्व देख रहा है। चीन से लड़ाई लड़ने और शहीद जवानों का बदला लेने के लिए भारत की जनता को हर हाल में चीन निर्मित सामानों का बहिष्कार करना होगा। डेढ़गांवा निवासी किसान नेता रविंद्र सिंह उर्फ मुन्ना फकीर का कहना है कि भारत के लोग यदि जवानों की शहादत का बदला चाहते हैं तो चीन निर्मित सामानों का उपयोग बंद कर दें। इससे चीन की अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी। ऐसा करके जनता लड़ाई में जवानों का सहयोग कर सकती है।
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