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Chandauli News: पक्का रास्ता अधिकारियों के बस्ते में, कीचड़ में गिरते-पड़ते स्कूल पहुंच रहे 500 से ज्यादा बच्चे

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बबुरी के हरिडीका में खेतों से मेड़ से होकर स्कूल जाते बच्चे। संवाद
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जिले के 12 सरकारी विद्यालयों तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता नहीं है। यहां पढ़ने वाले 500 से अधिक बच्चे रोज मेड़, कीचड़ और पगडंडियों से होकर स्कूल पहुंचते हैं। बारिश होने पर कच्चा रास्ता और खतरनाक हो जाता है। बच्चे गिरते-पड़ते कीचड़ से सनकर स्कूल पहुंचे हैं। बबुरी, नियामताबाद, धानापुर, नौगढ़ और चंदौली ब्लॉक के इन विद्यालयों में वर्षों से पक्का रास्ता अधिकारियों के बस्ते में है। कई बार शिक्षा विभाग और विद्यालयों की ओर से जिला प्रशासन को पत्र भेजे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में खेतों में पानी भर जाता है और मेड़ फिसलन भरी हो जाती है। स्कूल जाते समय बच्चे कई बार गिरकर चोटिल हो जाते हैं। कई अभिभावक तो बरसात के दौरान बच्चों को स्कूल भेजना ही बंद कर देते हैं। इससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होती है। बच्चों को अभिभावक गोद में लेकर स्कूल पहुंचाते हैं।
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बबुरी थाना क्षेत्र के हरिडीका प्राथमिक विद्यालय में नामांकित करीब 75 बच्चे आज भी खेतों की मेड़ से होकर स्कूल पहुंचते हैं। बरसात के दिनों में खेतों में पानी भर जाने के कारण यह रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है। प्रधानाध्यापिका सुधा सिंह ने छह से अधिक बार जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को लिखित पत्र भेजकर सुरक्षित मार्ग बनवाने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्राम प्रधान सतीश के अनुसार पहले विद्यालय के पास नवीन परती भूमि थी, जहां से रास्ता बनाया जा सकता था, लेकिन बाद में वह भूमि किसानों को आवंटित कर दी गई।
कीचड़ में फिसलकर चोटिल हो जाते हैं बच्चे
नियामताबाद ब्लॉक के कुंडा खुर्द उच्च प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचने के लिए भी बच्चों को खेतों की मेड़ से होकर जाना पड़ता है। पिछले वर्ष यहां का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें बच्चे गिरते-पड़ते स्कूल पहुंच रहे थे। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। बीईओ मनोज कुमार ने बताया कि कई बार लिखित रूप से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है। इसी तरह चंदौली ब्लॉक के रमऊपुर भगवानपुर और मसौनी प्राथमिक विद्यालय जाने के लिए पक्का रास्ता नहीं हैं।
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धानापुर के पांच विद्यालयों तक जाने के लिए सुरक्षित रास्ता नहीं
धानापुर ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय महूजी, प्राथमिक विद्यालय बड़ोरा/खालसापुर, प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालय नगवा, प्राथमिक विद्यालय मड़इया तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय पगही में भी बच्चों के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध नहीं है। बीईओ अवधेश कुमार ने बताया कि सभी विद्यालयों की सूची जिला प्रशासन को भेजी जा चुकी है।
नौगढ़ ब्लॉक में प्राथमिक विद्यालय सोनाइत, प्राथमिक सेमर साधुपुर, प्राथमिक होरिला के बच्चे पगडंडियों से होकर स्कूल पहुंचते हैं। बारिश में दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है। प्रशासन को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार है। बीईओ लालमणि राम ने कहा कि इस बाबत कई बार लिखित सूचना अपने उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन को दिया है लेकिन अभी तक मामला अधर में है। — राजेश चतुर्वेदी, खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि हमने कई बार जिला स्तर के अधिकारियों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को लिखित रूप से इस समस्या से अवगत कराया है तथा शीघ्र समाधान का अनुरोध किया है। दुर्भाग्यवश अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। हम भी आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
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यहां नहीं है पक्का रास्ता
प्राथमिक विद्यालय हरिडीका (बबुरी)
उच्च प्राथमिक विद्यालय कुंडा खुर्द (नियामताबाद)
प्राथमिक विद्यालय रमऊपुर भगवानपुर (चंदौली)
प्राथमिक विद्यालय मसौनी (चंदौली)
उच्च प्राथमिक विद्यालय महूजी (धानापुर)
प्राथमिक विद्यालय बड़ोरा/खालसापुर (धानापुर)
प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालय नगवा (धानापुर)
प्राथमिक विद्यालय मड़इया (धानापुर)
उच्च प्राथमिक विद्यालय पगही (धानापुर)
प्राथमिक विद्यालय सोनाइत (नौगढ़)
प्राथमिक विद्यालय सेमर साधुपुर (नौगढ़)
प्राथमिक विद्यालय होरिला (नौगढ़)


इनेसट

स्कूल तक पहुंचने में रोजाना उठानी पड़ती हैं ये मुश्किलें
खेतों की संकरी मेड़ों से होकर आना-जाना।
बरसात में कीचड़ और जलभराव से रास्ता बंद।
फिसलकर गिरने और चोटिल होने का खतरा।
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