पीडीडीयू नगर। क्षेत्र के 40 गांवों के लोगों के इलाज की जिम्मेदारी लिए भोगवार में बनाए गए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की मनमानी से व्यवस्था बेपटरी हो गई है। मंगलवार की दोपहर 12 बजे तक मरीज इंतजार करते रहे लेकिन प्रभारी चिकित्साधिकारी समेत तीन डॉक्टर नहीं पहुंचे। टेलीमेडिसीन में तैनात नर्स भी गायब थी। सिर्फ एक डॉक्टर थे, जो मरीजों का उपचार कर रहे थे।
नियामताबाद ब्लॉक के भोगवार गांव स्थित 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और कर्मचारियों की मनमानी के कारण मरीज परेशान रहते हैं। पिछले कई सालों से डॉक्टरों के कई पद खाली हैं। वहीं, जो डॉक्टर तैनात हैं, वे नियमित रूप से अस्पताल ही नहीं पहुंचते। मंगलवार की दोपहर 12 बजे तक सीएचसी प्रभारी डॉ. रूपेश वर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीबी सिंह, महिला चिकित्सक डॉ. अमृता सिंह, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. मनमोहन दोपहर 12 बजे तक अस्पताल नहीं पहुंचे थे। केवल डॉ. संदीप अपने कक्ष में मौजूद थे और मरीजों को परामर्श दे रहे थे। वहीं, इनमें डॉ. पंकज यादव की महाकुंभ में ड्यूटी लगाई गई है। भीषण ठंड में मरीज घंटों इंतजार करते रहे लेकिन दोपहर तक डॉक्टर नहीं पहुंचे तो निराश लौट गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि अधिकारियों से डॉक्टरों की मनमानी की शिकायत कई बार की जा चुकी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
कोट-
- डॉक्टरों और मेरी उपस्थिति, अनुपस्थिति से क्या मतलब है आपको। अगर किसी प्रकार की समस्या है तो बताएं, उसका समाधान किया जाएगा। - डॉ. रूपेश, प्रभारी चिकित्सकाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भोगवार
भोगवार सीएचसी प्रभारी का मोबाइल नॉट रिचेबल बता रहा है। कुछ डॉक्टरों की ड्यूटी कुंभ में लगाई गई है। वहीं, इमरजेंसी ड्यूटी के कारण कुछ डॉक्टरों की दिन में ड्यूटी नहीं होती है। पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. युगल किशोर राय, सीएमओ