पीडीडीयू नगर। हावड़ा दिल्ली रूट पर अतिव्यस्त पं. दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन तीन सौ से अधिक एमएसटी (मंथली सिजनल टिकट) लेकर यात्रा करते हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते 25 मार्च से देश में लॉकडाउन लागू हो गया और ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया। ऐसे में बिना यात्रा के ही एमएसटी खत्म हो गया। एक जून से यात्री स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू भी हुआ इसमें बिना रिजर्वेशन के घुसने पर रोक है। ऐस़े में एमएसटी धारकों को परेशानी हो रही है।
हावड़ा दिल्ली रेल रूट पर प्रतिदिन 175 जोड़ी ट्रेनों का संचालन किया जाता रहा। डेली यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे मंथली सिजनल टिकट बनाया जाता है। जिले का एक मात्र नगर होने की वजह से प्रतिदिन यहां से बनारस, मिर्जापुर, भभुआ रोड, सासाराम तक यात्री काम के लिए सिलसिले में प्रतिदिन यात्रा करते हैं। सबसे अधिक एमएसटी धारक वाराणसी के हैं। न सिर्फ काम करने के लिए बल्कि शिक्षा प्राप्त करने के लिए भी प्रतिदिन यहां से सौ से अधिक यात्री वाराणसी जाते हैं। इसी तरह काम के लिए पचास से अधिक यात्री प्रतिदिन मिर्जापुर जाते हैं। वाराणसी के लिए एमएसटी सौ रुपये में, मिर्जापुर के लिए 290 रुपये और डेढ़ सौ किलोमीटर तक की यात्रा के लिए 355 रुपये का टिकट मिलता है। स्थानीय रेलवे स्टेशन से लगभग तीन सौ एमएसटी धारक हैं। एमएसटी एम माह के लिए मान्य होता है। 25 मार्च से लॉकडाउन लागू होने की वजह से ट्रेनों का संचालन बंद हो गया और एमएसटी शोपीस बन गए हैं। एक जून से यात्री स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू भी हुआ लेकिन इसमें बिना रिजर्वेशन के घुसना मना है। ऐसे में एमएसटी धारक सड़क मार्ग से आवागमन कर रहे हैं। इससे अधिक धन खर्च करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ अप्रैल से एमएसटी नहीं बन रहा है। रेलवे को प्रतिमाह लगभग चालीस हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। इस संबंध में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रंबंधक रूपेश कुमार ने बताया कि जब ट्रेन ही नहीं चल रही है तो नुकसान तो स्वाभाविक है लेकिन यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरी है।