पीडीडीयू नगर। जनपद में धान खरीद बंद हुए चार माह बीत चुके हैं। इसके बावजूद भी अभी तक 130 किसानों के धान विक्रय का करीब सवा सौ करोड़ भुगतान नहीं हो सका है। धान खरीद के समय शासन और प्रशासन का दावा था कि खरीद के 24 घंटे में किसानों का भुगतान हो जाएगा।
कई किसान कर्ज लेकर अपना जीवन यापन करने पर विवश हैं तो कई विभागों और बैंकों के चक्कर लगा लगाकर थक चुके हैं। अभी भी उन्हें यह पता नहीं कि उनका भुगतान कब होगा। विभाग का कहना है कि किसानों के अकाउंट में आधार वेरिफिकेशन न होने से ऐसा हुआ है जबकि किसानों का कहना है कि उनका सबकुछ सही होने के बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा है। आलम यह है कि धान खरीद के भुगतान का इंतजार करते-करते गेहूं की खरीद की तिथि भी समाप्त हो गई है।
नियामताबाद विकासखंड के ग्राम सभा धपरी (सरने) के किसान राम प्रकाश बिंद ने दिसंबर 2021 में अपना और अपने संबंधियों का 408 कुंतल धान स्थानीय पीसीयू केंद्र पर बेचा। यहां अंगुठा लगाकर खाते में भुगतान की व्यवस्था थी लेकिन उन्हें सिर्फ 224 क्विंटल का पैसा मिला। बचे धन के भुगतान को लेकर केंद्र प्रभारी राजू खरवार उन्हें बताया कि बाद में अंगुठा लगेगा, अभी सर्वर नहीं है आदि बहाने बनाकर वापस भेज दे रहे हैं। इसके बाद करीब पांच माह पूर्व केंद्र प्रभारी का मोबाइल बंद हो गया है। वहीं चंदौली विकासखंड के गोरारी निवासी किसान नरसिंह बहादुर सिंह ने 26 फरवरी 2020 को अपना 60 कुंतल धान स्थानीय क्रय केंद्र पर बेचा था। अब तक बेचे गए धन का एक रुपया भी इन्हें नहीं मिला है। इसके अलावा बरहनी ब्लॉक के डैना गांव के किसान बुद्धन राय ने 7 दिसंबर 2021 को भतीजा में खुले यूपी एसएस के क्रय केंद्र पर 208 कुंतल धान बेचा था लेकिन आज तक उनका चार लाख तीन हजार 520 रुपये का भुगतान नहीं हो सका है। छह माह से विभाग का चक्कर लगाते-लगाते वे थक चुके हैं। बावजूद इसके भुगतान नहीं किया जा रहा है।
जिला विपणन अधिकारी अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में 130 किसान हैं जिनके धान खरीद का करीब 125 करोड़ का भुगतान तकनीकी दिक्कतों की वजह से नहीं हो पाया है। इसमें वे किसान शामिल हैं जिनका अकाउंट एनपीसीआई से आधार वेरिफाई नहीं हो सका है। उनके बैंक से वेरिफाई करा लेने के 10 दिनों के अंदर भुगतान हो जाएगा।