चंदौली। विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में विकास भवन के पास किसानों का धरना 11वें दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। किसानों ने एडीएम को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन देकर यूपीडा और जिला प्रशासन की मौजूदगी में वार्ता कराने, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि जान दे देंगे लेकिन अपनी उपजाऊ जमीन नहीं देंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक मणिदेव चतुर्वेदी ने कहा कि 58 गांवों के किसान इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं। कहा कि किसान विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन अपनी उपजाऊ जमीन बचाने के लिए आखिरी दम तक संघर्ष करेंगे। उनका कहना था कि इस परियोजना से बड़ी संख्या में किसान भूमिहीन हो जाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पहले भारतमाला परियोजना के लिए किसानों की उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। अब विंध्य एक्सप्रेसवे में जमीन गई तो किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान, किसान महासभा के जिलाध्यक्ष श्रवण मौर्य, नगर अध्यक्ष राजीव मौर्य आदि थे।