पीडीडीयू नगर। साप्ताहिक छुट्टी का असर प्रयागराज महाकुंभ पर पड़ रहा है और वहां स्नान के लिए जाने वाले यात्रियों की भीड़ फिर बढ़ गई है। शनिवार की रात और रविवार को पीडीडीयू जंक्शन पर प्रयागराज महाकुंभ में स्नान के लिए जाने वाले यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। अप और डाउनलाइन की ट्रेनों में यह स्थिति रही कि इसके कोच के दरवाजे खोलने में लोगों को पसीने बहाने पड़े। रविवार को मौनी अमावस्या की पूर्व संध्या से भी ज्यादा भीड़ रही। शनिवार की रात और रविवार को दो लाख से ज्यादा लोग पीडीडीयू जंक्शन पर पहुंचे।
माना जा रहा था कि माघ पूर्णिमा के बाद महाकुंभ में स्नान के लिए जाने वालों की भीड़ कम होगी, लेकिन ऐसा न होकर स्नान के लिए जाने वालों की भीड़ और बढ़ गई है। माघ पूर्णिमा के बाद शनिवार से प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई। शनिवार की रात स्टेशन पर न सिर्फ प्रयागराज जाने वाले बल्कि वहां से लौटने वालों की भी भीड़ बढ़ने के कारण स्थिति बेकाबू होने लगी। आरपीएफ, जीआरपी, वाणिज्य विभाग के अधिकारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। उधर, रविवार को भी स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। सबसे ज्यादा परेशानी ट्रेनों के बंद कोच को खोलने को लेकर हुई। दोपहर में एक बजे प्लेटफाॅर्म संख्या दो पर अजमेर-भागलपुर एक्सप्रेस पहुंची। इसके एसी कोच ए-1 के यात्रियों ने दरवाजा नहीं खोला। इससे ट्रेन में चढ़ने वालों को परेशानी हुई। बाद में जीआरपी के जवान ने काफी प्रयास किया। इसके बाद दरवाजा खुला। यही स्थिति प्लेटफाॅर्म संख्या एक पर आई अजमेर-सियालदह की भी रही। नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस, गया-एग्मोर एक्सप्रेस, सूरत-भागलपुर, मुंबई मेल, मगध एक्सप्रेस में भी यही स्थिति रही। स्टेशन अधीक्षक एसके सिंह, आरपीएफ निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत, सीएसजी एनके मिश्र, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक अभिषेक यादव के साथ स्काउट गाइड की टीम भी सहयोग में जुटी रही।