पीडीडीयू नगर। बारिश में भीगे गेहूं को खरीदने और सुरक्षित रखने का का दावा अधिकारियों ने किया था पर यह दावा वास्तव में छलावा निकला। आलम यह है कि मुख्यालय स्थित नवीन मंडी में सात क्विंटल से ज्यादा गेहूं सड़ चुका है। सड़ रहे गेहूं की दुर्गन्ध पूरी मंडी में फैल रही है। सूत्रों की माने तो पूरे जिले के क्रय केंद्रों पर बारिश से भीगने के बाद सैकड़ों क्विंटल गेहूं बर्बाद हो चुका है।
मौसम विभाग ने पहले से सूचना दे दी थी कि ताउते तूफान के दौरान तेज हवा के साथ बारिश होगी और यह भी बताया था कि इसका सबसे ज्यादा असर पूर्वांचल में रहेगा। इसके बावजूद जिले के अधिकारी नहीं चेते और पहली बारिश में ही क्रय केंद्रों पर रखा सैकड़ों क्विंटल गेहूं भीग गया। इसके बाद भी गेहूं को बचाने के लिए समुचित व्यवस्था नहीं की गई और दूसरी बारिश में आलम यह रहा कि जहां गेहूं के बोरे रखे गए थे वहां जलजमाव हो गया। कई दिनों तक पानी लगा रहा। इसके बाद जनप्रतिनिधियों और किसानों के विरोध के बाद विपणन अधिकारी ने कहा कि किसानों का नुकसान नहीं होगा। भीगा हुआ गेहूं भी खरीदा जाएगा। लेकिन जो ज्यादा भीगा हुआ गेहूं था उसे नहीं लिया गया। किसानों ने सूखे गेहूं को बेचने के बाद ज्यादा खराब गेहूं को न खरीदे जाने से वहीं छोड़ दिया। यही गेहूं अब सड़ रहा है और बदबू दे रहा है। लेकिन अधिकारी अब भी यह मानने को तैयार नहीं कि गेहूं सड़ा है। वहीं विपणन विभाग का दावा है कि गत वर्ष 74 क्रय केन्द्र के जरिए 20287 एमटी गेहूं की खरीद की गई थी। वहीं अबकी बार 48 क्रय केन्द्रों पर अब तक 42 हजार एमटी खरीद कर चुके हैं, जो पिछले साल की तुलना में दोगुने से अधिक है।
बारिश के चलते गेहूं का नुकसान जरूर हुआ है। पर इसकी मात्रा कम है। लेकिन जहां गेहूं नुकसान हुआ है वहां के केंद्र प्रभारियों पर जरूर कार्रवाई की जाएगी।
अनूप श्रीवास्तव, जिला विपणन अधिकारी
गेहूं खरीदने के समय जो थोड़ा गेहूं जमीन पर गिरा होगा ये गंध उसकी ही आ रही है। मैं कल मंडी में गया था। मुझे तो कहीं भी इतनी मात्रा में गेहूं सड़ते हुए नहीं दिखा।
अतुल कुमार, एडीएम, चंदौली
कोट.....
गेहूं बहुत पहले ही भीगा था। उसके बाद काफी तेजी से खरीद की गई। बारिश से भीगने के बाद जो गेहूं ज्यादा खराब हो गया है उसका क्या किया जा सकता है, उसे कैसे सुरक्षित रखा जाएगा। वैसे जो बचने लायक होगा उसे जरूर बचाया जाएगा।
संजीव सिंह, जिलाधिकारी, चंदौली