मूंग की खेती से कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
पीडीडीयू नगर। जिले में गेहूं की कटाई लगभग हो चुकी है और किसान धान की खेती की तैयारी में जुट गए हैं। कृषि प्रधान जिले में किसान यदि मूंग की खेती करें तो कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। इसके लिए कृषि विभाग किसानों को प्रोत्साहित कर रहा है। किसानों को मूंग की खेती के लिए उन्नत प्रजाति के बीज का चयन कर ठीक ढंग से खेती करनी होगी।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि ग्रीष्म ऋतु में मूंग की खेती के लिए बोआई से पहले बीज को कार्बेन्डाजिम व केप्टान तीन ग्राम दवा प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित करें। बोआई के दौरान कतार से कतार की दूरी 20 से 22 सेंटीमीटर, पौधे से पौधे की दूरी 10 से 15 सेंटीमीटर रखते हुए चार सेंटीमीटर की गहराई पर बोना चाहिए। मूंग की खेती के लिए नम एवं गर्म जलवायु की आवश्यकता होती है। खेत में जल निकास उत्तम होना चाहिए। कहा कि मूंग की खेती के लिए रबी की फसल कटने के बाद खेत की तुरंत जोताई कर चार से पांच दिन छोड़कर पलेवा करना चाहिए। पलेवा के बाद दो से तीन जोताई कर पाटा लगाकर खेत को समतल एवं भुरभुरा बनाएं। इससे नमी संरक्षित हो जाती है और बीजों से अच्छा अंकुरण होता है। बोआई से पूर्व खेत में सड़ी हुई गोबर की खाद का प्रयोग करें। बताया कि मूंग की खेती के लिए पंत- वन , पंत-टू सम्राट , जेएम-721, नरेंद्र मूंग-वन आदि की खेती करनी चाहिए। इन किस्मों में रोग की आशंका कम होती है।
रिपोर्ट और संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र