तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े और किसी तरह घायलों को बाहर निकाला। घटना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों की भारी भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। घटना की सूचना ग्राम प्रधान प्रतिनिधि डीएन यादव ने तत्काल अलीनगर पुलिस और सरकारी एंबुलेंस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि राधिका और चांदी की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य दो घायलों का भी इलाज जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और क्षति का आकलन शुरू कर दिया। टीम द्वारा मकान और बारजा को हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों में भय का माहौल है। आए दिन बंदरों द्वारा घरों को नुकसान पहुंचाने और लोगों पर हमला करने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।