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UP: बंदरों ने गिराया बारजा, खाना खा रहे चार लोग दबे, दो की हालत गंभीर; आतंक से एक साल से परेशान हैं लोग

Thu, 29 Jan 2026 09:28 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली।

सार

Chandauli News: इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। सभी घायलों को सरकारी एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दो की हालत नाजुक बनी हुई है। सपाजनों ने घायलों का हाल जाना है।
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घायल बच्चे से बातचीत करते सपाजन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीनगर थाना क्षेत्र के बिलारीडीह महेवा गांव में बृहस्पतिवार की सुबह बंदरों के उत्पात से बड़ा हादसा हो गया। बंदरों के झुंड ने एक पक्के मकान का बारजा हिलाकर गिरा दिया, जिससे उसके नीचे बैठकर खाना खा रहे एक ही परिवार के चार लोग मलबे के नीचे दबकर घायल हो गए।

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बिलारीडीह महेवा गांव निवासी सचनु बिंद का पक्का मकान है, जिससे सटा हुआ करकट का छाजन बना हुआ था। बृहस्पतिवार की सुबह अचानक बंदरों का एक बड़ा झुंड मकान की छत पर चढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बंदरों ने मकान के बारजा को पकड़कर जोर-जोर से हिलाना शुरू कर दिया। 

कुछ ही पलों में बारजा टूटकर नीचे बने करकट के छाजन पर आ गिरा। उस समय छाजन के नीचे परिवार के सदस्य बैठकर खाना खा रहे थे। बारजा गिरते ही मलबे की चपेट में आकर सचनु बिंद के 20 वर्षीय पुत्र दरोगा, 30 वर्षीय पुत्री सोनी, 18 वर्षीय चांदी और 6 वर्षीय राधिका गंभीर रूप से घायल हो गए। 

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बंदरों को पकड़ने की मांग

तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े और किसी तरह घायलों को बाहर निकाला। घटना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों की भारी भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। घटना की सूचना ग्राम प्रधान प्रतिनिधि डीएन यादव ने तत्काल अलीनगर पुलिस और सरकारी एंबुलेंस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा। 

जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि राधिका और चांदी की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य दो घायलों का भी इलाज जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और क्षति का आकलन शुरू कर दिया। टीम द्वारा मकान और बारजा को हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। 

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों में भय का माहौल है। आए दिन बंदरों द्वारा घरों को नुकसान पहुंचाने और लोगों पर हमला करने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।

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