मुगलसराय फायर स्टेशन में लगाए गएे हाइड्रेंट से लगातार रिस रहा पानी।
गर्मी में आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग को पानी से जूझना पड़ेगा। कारण आबादी बढ़ने के साथ ही पानी की मांग तो बढ़ी हैे लेकिन इसके चलते हाइड्रेंट में पानी का प्रेशर कम हो गया है। विभाग ने इसके लिए नलकूपों पर फ्लेंच बनाए जाने की मांग की है।
उसका कहना है कि ऐसा करने से अग्निशमन को आग बुझाने के लिए पानी की समस्या से दो चार नहीं होना पड़ेगा। उधर, अतिक्रमण के चलते अधिकतर हाइड्रेंट गायब हो गए हैं। आग लगने पर तुरंत पानी लेने के लिए नगर में जगह जगह हाइड्रेंट तो लगाए गए हैं लेकिन इनमें पानी का प्रेशर अत्यंत कम हो जाने से दिक्कतें आ गई हैं।
समस्या से निजात पाने के लिए अब अग्निशमन विभाग की नजर तालाब के साथ जगह जगह लगे नलकूपों पर है। उसका मानना है कि अगर नलकूपों पर फ्लेंच (दो पाइपों को जोड़ने वाला उपकरण) लगा दिए जाएं तो विभाग के लिए पानी की समस्या दूर हो सकती है। आग से होने वाले नुकसान की लिहाज से मुगलसराय सबसे संवेदनशील है।
कृषि प्रधान जनपद के एक मात्र नगर पालिका में सबसे बड़ा बाजार है तो इससे सटे इंडियन आयल का डिपो बना हुआ है। यही नहीं एशिया का सबसे बड़े रेलवे यार्ड में लगने वाली आग को बुझाने की जिम्मेदारी भी अग्निशमन विभाग पर है। विभाग की माने तो प्रति वर्ष जनपद के लगभग 185 स्थानों पर औसतन आग लगती है।
पानी उपलब्ध कराने के लिए मुगलसराय में दस स्थानों पर फायर हाइड्रेंट लगाए गए हैं, लेकिन अतिक्रमण से अधिकाशं फायर हाइड्रेंट गायब हो गए हैं वहीं बचे हाइड्रेंट में प्रेशर ही नहीं है। पिछले दिनों विभाग ने सर्वे कराया और जिले के 24 नलकूपों की पहचान की है। उसने 26 मार्च को नगर पालिका के साथ ही जिलाधिकारी को पत्र भेज कर इनमें फ्लेंच लगाने की मांग की।