पीडीडीयू नगर। प्रयागराज महाकुंभ में महाशिवरात्रि पर 26 फरवरी को अंतिम अमृत स्नान से पहले मंगलवार को पीडीडीयू जंक्शन पर पहुंचने वाली ट्रेनों में सवार होने के लिए यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रयागराज जाने और वहां से लौटने वाले दो लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ संभालने में आरपीएफ, जीआरपी और पुलिसकर्मियों को पसीने बहाने पड़े। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग कर बिना टिकट यात्रियों का स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर प्रवेश रोक दिया गया।
प्रयागराज महाकुंभ में स्नान के लिए यात्रियों की सोमवार की रात से ही पीडीडीयू जंक्शन पर भीड़ उमड़ पड़ी। बिहार, झारखंड, ओडिशा, बंगाल से आने वाली ट्रेनों में लोगों की भीड़ रही। मंगलवार की सुबह प्रयागराज जाने वालों के साथ ही वहां से आने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने पर स्टेशन पर भीड़ को संभालने में जीआरपी और आरपीएफ को पसीने बहाने पड़े। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पीडीडीयू जंक्शन के मुख्य गेट पर ही बैरिकेडिंग कर टिकट की चेकिंग शुरू कर दी गई। उधर, यात्रियों के प्रवेश के लिए अलग और बाहर निकालने के लिए अलग अस्थायी गेट बना दिया गया। इससे यात्री कतार में स्टेशन पर पहुंचे। हालांकि प्लेटफाॅर्म पर ट्रेनों के आते ही भीड़ बेकाबू होने लग रही थी। स्पेशल ट्रेनों को चलाकर किसी तरह भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा था। यात्रियों को सुरक्षित ढंग से ट्रेनों पर सवार कराने में स्टेशन अधीक्षक एसके सिंह, एसएस टू सीबी राय, सीएसजी एनके मिश्र, आरपीएफ निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत, जावेद अहमद, जीआरपी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक अभिषेक यादव, अक्षय कुमार आदि के साथ स्काउट गाइड की टीमें लगी रहीं।
उधर, यात्रियों की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन की ओर से लगातार स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। मंगलवार को दोपहर दो बजे तक पीडीडीयू जंक्शन से प्रयागराज के लिए 23 ट्रेनें और बनारस के लिए दो ट्रेनें भेजी गईं। इसमें पटना की ओर से 14 और गया की ओर से आने वाली 14 स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं। इसी तरह प्रयागराज से पीडीडीूय जंक्शन 26 स्पेशल ट्रेनें आईं, जबकि बनारस से तीन स्पेशल ट्रेनें आईं।