मड़ियाहूं-मैनपुर 3 किमी लंबा मार्ग 20 वर्षों से खस्ताहाल है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों की भरमार है। सड़क वाहन तो छोड़िए पैदल चलना भी मुश्किल है।
इस मार्ग पर शासन का गड्ढा मुक्त सड़क का दावा ही गड्ढे में है। क्षेत्र के तीन-तीन विधायकों का कार्यकाल पूरा गया लेकिन सड़क की सूरत नहीं बदली। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोड एलाॅट न होने के कारण सड़क की मरम्मत नहीं हो पा रही है।
इस मार्ग पर 50 से अधिक गांव के लोग जोखिम लेकर सफर करते हैं। इस सड़क की मरम्मत वर्ष 2005 में तत्कालीन सपा विधायक श्रद्धा यादव ने कराई थी।
इसके बाद 2007 में बसपा से केके सचान, 2012 में पुन: सपा से श्रद्धा यादव, 2017 में अपना दल एस से डॉ.लीना तिवारी, 2022 में अपना दल एस से ही डा.आरके पटेल विधायक चुने गए। किसी ने सड़क की सूरत बदलने का बीड़ा नहीं उठाया।
मैनपुर, ककराही, महमदपुर, अंबरपुर, शिवपुर, गद्दोपुर, बारीगांव, रसूलपुर सहित कई गांवों के लोग इस मार्ग से तहसील मुख्यालय ब्लॉक मुख्यालय व जिला मुख्यालय जाते हैं। सबसे ज्यादा मुश्किल छात्र-छात्राओं को विद्यालय जाने में होती है। वे सड़क पर आए दिन गिरकर चोटिल होते हैं। मैनपुर गांव निवासी अरुण कुमार दुबे ने कहा कि पिछले कई वर्षों से सड़क गड्ढे में तब्दील है। मड़ियाहूं से अपना दल एस के विधायक डॉ. आरके पटेल ने कहा कि मड़ियाहूं मैनपुर मार्ग का कोई कोड पीडब्ल्यूडी विभाग में एलाट नहीं है। हमने सड़क की मरम्मत कराने का प्रयास किया।
मई तक कोड एलाट होने पर सड़क बनवाई जाएगी। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता राजेश राव ने कहा कि सड़क को स्कीम में शामिल कर एलाटमेंट कोड जारी किया जाएगा। विधायक का प्रस्ताव आया है। जल्द ही सड़क की मरम्मत कराई जाएगी। शायद ही कोई सड़क होगी जिसका कोड एलाटमेंट नहीं होगा।