रक्षा बंधन के दिन ग्रामीण क्षेत्रों में जाम की मार ने लोगों की खुशियों में खलल डाल दी। सकलडीहा, भोजापुर और कुचमन रेलवे क्राॅसिंग समेत कई मार्गों पर सुबह से शाम तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। इससे यात्री, महिला-पुरुष, बच्चे और यहां तक कि रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
दोपहर करीब एक बजे कुचमन रेलवे क्रासिंग पर स्थिति इतनी बिगड़ गई कि गेट बंद ही नहीं हो पाया। पाटलिपुत्र से लोकमान्य तिलक (मुंबई) जा रही एक्सप्रेस ट्रेन यहां 20 मिनट तक खड़ी रही। आरपीएफ और अलीनगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों ओर वाहनों को रोका, तब जाकर गेट बंद हुआ और ट्रेन आगे बढ़ सकी। अलीनगर थाना प्रभारी विनोद मिश्र ने बताया कि वाहनों की लंबी कतार के चलते गेट बंद करने में समस्या आई। पुलिस ने वाहनेां के काफिले को रो कर ट्रेन काे आगे बढ़वाया।
सड़क निर्माण में लापरवाही से बढ़ा संकट
सकलडीहा में बन रही फोर लेन सड़क के निर्माण कार्य में लापरवाही ने भी यातायात व्यवस्था बिगाड़ने में अहम भूमिका निभाई। सकलडीहा रजवाहा के पास सड़क न पाटे जाने से वन-वे की स्थिति बनी रही, जबकि सघन तिराहा से अलीनगर तिराहा तक सड़क पर फैली गिट्टी ने और मुश्किलें बढ़ा दीं।
मंत्री और अधिकारियों का काफिला फंसा
जाम की वजह से सेना के जवान के अंतिम संस्कार में जा रहे कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, डीएम और एसपी का काफिला भी घंटों तक फंसा रहा। पुलिस और मंत्री की सुरक्षा टीम के लंबे प्रयास के बाद ही काफिला निकल सका।भोजापुर और कुचमन रेलवे क्रासिंगों पर जाम के कारण हजारों वाहन स्वामी और यात्री परेशान रहे। त्योहारी दिन पर जहां बहनें भाइयों के घर और भाई बहनों के घर जा रहे थे, वहीं उन्हें लंबी-लंबी कतारों में फंसकर घंटों इंतजार करना पड़ा। लोगों ने कार्यदायी संस्था और यातायात व्यवस्था संभालने वाले विभागों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि त्योहार और भीड़ को देखते हुए समय रहते पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए थी। उन्होंने मांग की कि निर्माण कार्य में लापरवाही रोकी जाए और रेल क्रासिंग व सड़कों पर यातायात प्रबंधन मजबूत किया जाए।