नौगढ़। विकासखंड के आठ गांवों में पिछले तीन महीने से विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं। पंचायत सचिव महेंद्र प्रसाद के खिलाफ शिकायत पर जिलाधिकारी ने उन्हें नवंबर 2021 में ही निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद बिना अभिलेख दिए ही सचिव फरार हो गया। गांव में मनरेगा से लेकर प्रमाण पत्र आदि का कार्य भी नहीं हो पा रहा है। अमर उजाला ने एक फरवरी को इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसको संज्ञान में लेकर एडीओ पंचायत प्रेमचंद्र ने निलंबित सचिव पर थाने में मुकदमा दर्ज कराने के लिए डीपीआरओ को पत्र लिखा है।
विकासखंड के अमदहां चरनपुर, मलेवर, मझगांवा, जनकपुर, परिसिया, लक्ष्मणपुर, भैसोंडा, बरवाडीहा ग्राम पंचायतों के सचिव महेंद्र प्रसाद के खिलाफ सम्पूर्ण समाधान दिवस पर जिलाधिकारी संजीव सिंह के सामने कई शिकायतें आईं। जांच के बाद जिलाधिकारी ने 20 नवंबर को सचिव को निलंबित कर दिया। इसके बाद वहां दो ग्राम सचिवों की नियुक्ति हुई पर निलंबित सचिव अभिलेख लेकर ही फरार हो गया है। जिसकी वजह से पिछले तीन महीनों से एक भी विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। ग्रामीण परेशान हैं। अमर उजाला ने एक फरवरी को ‘आठ ग्राम पंचायतों के विकास कार्य तीन माह से ठप’ शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने आनन-फानन में निलंबित पंचायत सचिव की खोजबीन शुरू किया। अधिकारीयों ने सचिव के मोबाइल पर कॉल किया तो उसकी पत्नी उठा रही थी। लोग घर तक गए, लेकिन पंचायत सचिव नहीं मिला। सहायक विकास अधिकारी पंचायत ने आठ गांव के अभिलेखों को लेकर गायब हुए पंचायत सचिव महेंद्र प्रसाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए डीपीआरओ ब्रह्मचारी दुबे को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है।