पीडीडीयू नगर। प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल कर रही है। इसी क्रम में विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग (करके सीखना) मॉडल पर आधारित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू किया जा रहा है।
योजना के तहत जिले के 68 परिषदीय विद्यालयों से एक-एक शिक्षक को लखनऊ में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में लौटकर विद्यार्थियों को विभिन्न व्यावहारिक कौशलों का प्रशिक्षण देंगे, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें। यह महत्वाकांक्षी योजना चालू शैक्षिक सत्र में जिले के विभिन्न ब्लॉकों के चयनित विद्यालयों में लागू की जाएगी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने बताया कि लर्निंग बाय डूइंग के माध्यम से छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अंतर्गत छात्राओं को सिलाई, कढ़ाई, अचार निर्माण जैसे उपयोगी कौशल सिखाए जाएंगे, जबकि छात्रों को फिटिंग, बागवानी सहित अन्य तकनीकी व व्यावहारिक कार्यों में प्रशिक्षित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शासन स्तर से प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस योजना से बच्चों में कौशल विकास के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और वे पढ़ाई के साथ-साथ हुनरमंद बन सकेंगे।