धानापुर में धंसा नगवा-चोचकपुर पीपा पुल और पानी भरने के बाद डूबा पीपा। संवाद
क्षेत्र के नगवा-चोचकपुर पीपा पुल पर शुक्रवार देर रात लीकेज पीपा में पानी भर गया। इससे पीपा धंस गया। इससे पुल धंसने से आवागमन बाधित हो गया। पीपा पुल बंद होने से लोगाें को गंगा पार करने के लिए 40 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। वहीं लोग नावों के सहारे आवागमन करते रहे। शनिवार की शाम पांच बजे तक पुल पर आवागमन बहाल नहीं हुआ था।
गांव के मनोज कुमार ने कहा कि पीपा पुल लंबे समय से जर्जर हालत में है। ज्यादातर स्लीपर टूटे हुए हैं। उसे प्लास्टिक और मिट्टी डालकर ढक दिया गया है। कभी भी बड़ी घटना घट सकती है। लोहे की पटरी भी क्षतिग्रस्त है। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग की ओर से समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई। ग्रामीणों ने बताया कि इस पुल से रोजाना 5 हजार वाहन गुजरते हैं। लोग पुल से पैदल ही गंगा पार करते हैं। रामाश्रय यादव ने कहा कि बारिश से पहले पुल की मजबूती की जांच होनी चाहिए थी, लेकिन विभाग ने लापरवाही के कारण पुल धंसा है। पुल खराब होने से किसानों और व्यापारियों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। शनिवार की सुबह घटना की जानकारी मिलते ही विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मरम्मत कार्य शुरू करा दिया। कर्मचारियों के अनुसार, पहले पीपे को बाहर निकाला जाएगा, फिर इंजन की मदद से उसमें भरा पानी निकाला जाएगा। इसके बाद उसकी स्थिति की जांच कर जरूरत पड़ने पर पीपा बदला जाएगा।
-आरके चौहान, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग ने कहा कि 15 जून को पुल हटाया जाता है जिसे 15 अक्टूबर से काम शुरू होकर नवंबर से पुल चालू हो जाता है बीच बीच में कोई कमियां मिलती है तो उस हिसाब से मरम्मत कार्य किया जाता है।