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धूमधाम से रोपे गए पौधे अब देखरेख के अभाव में तोड़ रहे दम

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नियामताबाद। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के लिए वन विभाग के साथ ही प्रशासन एवं ग्राम पंचायत स्तर पर जुलाई के प्रथम सप्ताह में धूमधाम से पौधरोपरण का महाअभियान शुरू हुआ। सात जुलाई तक जिलेभर में 42 लाख से अधिक पौधे विभिन्न विभागों की ओर से रोपे गए। इसी क्रम में नियामताबाद ब्लाक में भी इस साल दो लाख से अधिक पौधे लगाए गए मगर देखरेख और संरक्षण के अभाव में पौधे दम तोड़ रहे हैं। कहीं ट्री गार्ड में सूख गए तो कहीं घुमंतू पशुओं ने नष्ट कर दिया।
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पिछले साल ब्लाक में 1.10 लाख से अधिक पौधरोपण हुआ। इन पौधों का तो पता नहीं क्या हुआ। निगरानी के अभाव में ज्यादातर नष्ट हो गए। वहीं इस साल लक्ष्य बढ़ाकर दोगुना कर दो लाख से अधिक पौधे रोपे गए। ये पौधे भी सूखने लगे है। कई जगहों से पौधे लोगों ने उखाड़ दिये। गांवों में लगे पौधे भी संरक्षण और लापरवाही में खत्म हो गए। लोगों का कहना है कि पौधे लगाने से जरूरी है पहले उसके देखभाल की समुचित व्यवस्था हो।
नियामताबाद। जनवरी 2020 में प्राथमिक स्कूल रामपुर में कमिश्नर, डीएम ने चौपाल लगाई थी। चौपाल में स्कूल परिसर में लगभग 150 पौधे रोपे गए थे। लेकिन वहां आज एक भी पौधे साबूत नहीं बचा है। जबकि स्कूल की बाउंड्री और गेट दोनों है। यही हाल इस बार ब्लाक में हुए पौधरोपण का हुआ। देखरेख के अभाव में सब नष्ट हो रहे हैं।
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नियामताबाद। ग्रामीणों का कहना है कि जितना जरूरी पौधरोपण है उससे अधिक जरूरी उसका संरक्षण है। बौरी गांव के जर्नादन सिंह का कहना है कि पर्यावरण के लिहाज से पौधरोपण कराए गए मगर रखरखाव ठीक नहीं होने से पौधे तेजी से नष्ट भी हो रह हैं। एकौनी के मनोज सिंह का कहना है कि पौधे लगाने के साथ ही उसकी सुरक्षा हो और इसकी जिम्मेदारी तय होना चाहिए। वहीं मिल्कीपुर के गंगाराम साहनी कहते हैं कि पौधों का संरक्षण बहुत जरूरी है। जब तक संरक्षण नहीं होगा तब तक लाखों रुपये खर्च होंगे और उद्देश्य भी पूरा नहीं होगा। राजन का कहना है कि हर साल धूमधाम से पौधे लगाए जाते हैं लेकिन देखरेख के अभाव में नष्ट हो जाते हैं। इनकी सुरक्षा जरूरी है।
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