सकलडीहा। जौनपुर में तस्करों के वाहन की टक्कर से शहीद हुए हेड कांस्टेबल दुर्गेश सिंह को रविवार को चंदौली पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि दी गई। एसपी आदित्य लांग्हे समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए। चंदौली के एसपी आदित्य लांग्हे, जौनपुर के एसपी डाॅ. कौस्तुभ और सकलडीहा सीओ रघुराज ने जवान के अर्थी को कंधा दिया। परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के उकनी गांव निवासी दीनानाथ सिंह के बेटे दुर्गेश सिंह (36) पुलिस में कांस्टेबल थे, जबकि उनके भाई राजीव रंजन सिंह एयरफोर्स जोधपुर राजस्थान में तैनात हैं। उनकी चार बहनें रीना सिंह, मीना सिंह, तारा सिंह और भुट्टन सिंह हैं। दुर्गेश वर्ष 2012 में पुलिस में भर्ती हुए थे। उनकी शादी वर्ष 2015 में बलिया जनपद के बासडीह क्रितुपुर निवासी प्रियंका सिंह के साथ हुई थी। प्रियंका सिंह महिला सिपाही रहीं, बाद में टीचर बन गईं। दुर्गेश से दो बेटियां छह वर्षीय तान्या सिंह और दो वर्षीय नव्या सिंह हैं। दुर्गेश जीआरपी प्रयागराज में एक साल ड्यूटी के बाद जौनपुर में थाने में तैनात किए गए थे। शनिवार को वाराणसी से आजमगढ़ के रास्ते पशु तस्करों के आने की सूचना पर पुलिस नाकेबंदी कर जांच कर रही थी। पुलिस को देखते ही पशु तस्कर तेजी से वाहन लेकर भागने लगे और रेलवे फाटक भी तोड़ दिया। पशु तस्करों ने दुर्गेश सिंह जब उन्हें रोक रहे थे, उसी दौरान पिकअप से रौंद दिया। इससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। पिता व मां उर्मिला सिंह, पत्नी व बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। उन्हें रोते बिलखते देख सभी की आंखें नम हो गईं। जौनपुर के एसपी के अलावा चंदौली के एसपी आदित्य लांग्हे, ब्लॉक प्रमुख अवधेश सिंह, प्रधान प्यारेलाल, अमित सिंह, निठोहर सत्यार्थी आदि शव यात्रा में शामिल हुए। देर शाम बलुआ गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
उधर, पुलिस के जवान दुर्गेश सिंह का शव घर पहुंचते ही सबकी आंखें नम हो गईं। परिवार के लोगों का कहना था कि दुर्गेश दोनों बेटियों को पुलिस अधिकारी बनाना चाहते थे, लेकिन किसी को क्या पता था कि परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ेगा। पत्नी भी रो-रोकर यही कह रही थीं कि बेटियों को बहुत मानते थे, उनका सपना सपना ही रह गया।