फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काव्यांजलि : तीन कवियों को मिला इनामुल हक सम्मान

विज्ञापन
विज्ञापन
चकिया। चंद्रप्रभा साहित्यिक मंच के नेतृत्व में रविवार को साहित्यकार स्व. डॉ. इनामुल हक की स्मृति में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कवियों ने काव्य गोष्ठी के माध्यम से काव्यांजलि दी। मुख्य अतिथि समाजसेवी डॉ. गीता शुक्ला ने डॉक्टर इनामुल हक सम्मान शायर सुरेश जायसवाल गाफील, ज्योति कुमार द्विवेदी व सुधीर पटेल को प्रदान किया।
विज्ञापन

कवि राजेंद्र प्रसाद भ्रमर ने वाणी वंदना से आरंभ किया। बंधु पाल बंधु ने असो त होली शराब में डूब गई, तेजबली अनपढ़ ने अब न सहाई राजा अब न सहाई, हरिवंश सिंह बवाल शराब बहुत खराब नाहीं है हमही खराब हई, प्रमोद कुमार निर्मल ने जाम आंखों से पीकर के तार जाइए, अलियार प्रधान ने पियब छोड़ दा सैया जी कुटाई होखता, नंदलाल भुलक्कड़ पीने से शराब कैसा खराब है, राजेंद्र प्रसाद भ्रमर सोहबत में पड़के भईला खराब हो बात मोरी मानलेता छोडदा शराब हो, राजेश विश्वकर्मा राजू ने फाटत बा हीअरा हमरा दिल रोवत देख सिवान रे भाई का कविता लिखब पढ़ब आफत में मोर जान रे भाई सुना कर गोष्ठी में डॉ इनामुल को काव्यांजलि दी गई। इस दौरान नरसिंह साहसी, संतोष कुमार धूर्त, शिवदास अनपढ़ ने भी काव्य पाठ किया। अध्यक्षता प्रदीप पाठक ने की। संचालन हरिवंश सिंह बवाल ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें