नौबतपुर में कर्मनाशा पुल का हो रहा मरम्मत।
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सैयदराजा। नौबतपुर स्थित क्षतिग्रस्त कर्मनाशा पुल के मरम्मत का कार्य शनिवार से शुरू हो गया। पुल के मरम्मत का कार्य 30 मई तक पूर्ण कर लिया जाना है। मरम्मत करा रही कंपनी ने तय सीमा के अंदर कार्य पूरा कर लिए जाने का दावा किया है।
28 दिसंबर की सुबह अचानक कर्मनाशा पुल के तीन पिलरों का विंग क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद बड़े वाहनों को यूपी और बिहार की दोनों तरफ सीमाओं पर रोक दिया गया। छोटे चार पहिया वाहनों को नौबतपुर स्थित पुराने पुल से आवागमन करने का निर्देश दिया गया। हालांकि पुल क्षतिग्रस्त होने के 20 दिन बाद एनएचएआई ने पुल के दोनों तरफ अस्थाई पुल का निर्माण कर हाइवे चालू कर दिया। क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का कार्य सोमा कंपनी को सौंप कर 30 मई तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। कंपनी के अधिकारियों ने 15 फरवरी से कार्य शुरू करने को कहा था लेकिन यह 14 दिनों की देरी से आरंभ हुआ। शुक्रवार की रात पुल के मरम्मत के लिए लोहे के पिलर व जैक पहुंचे और शनिवार की सुबह से पिलरों के वेल्डिंग और तीनों पिलरों के चारो तरफ जैक लगाने का कार्य आरंभ कर दिया गया। वहीं जेसीबी से मिट्टी डालकर जमीन को समतल करने का कार्य भी किया जा रहा है।
सोमा कंपनी ने पुल की मरम्मत के लिए दिल्ली की अरविंद टेक्नो कंपनी को मरम्मत का कार्य सौंपा है। अरविंद टेक्नो कंपनी के कर्मनाशा यूनिट इंचार्ज दयाशंकर सिंह ने बताया कि यह पुल 10 हजार टन भार का है और इसे जैक पर उठाने के लिए 500 टन के चालीस जैक लगाए जाएंगे। जैक के साथ लोहे के पिलरों का सपोर्टिंग सिस्टम भी रहेगा। पुल उठाने में ही लगभग एक माह लगेगा। इसमें करीब पांच से छह करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके बाद दिल्ली से आईआईटी की एक टीम पुल का निरीक्षण करने आएगी। उन्हीं की निगरानी में इसकी मरम्मत कराई जाएगी। कहा कि यदि कार्य में किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं आई तो तय समय पर पुल की मरम्मत का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।