सावन के अंतिम सोमवार को बाबा काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कांवरियों में रविवार को अत्यधिक उत्साह रहा। कांवरिये पैदल ही काशी तक नाचते गाते हुए पहुंचे। बोल बम के जयकारे से पूरा इलाका गुंजायमान रहा। रविवार की शाम कांवरियों के बनारस जाने का सिलसिला शुरू हुआ तो वह पूरी रात चलता रहा। जगह जगह स्वयं सेवी संगठनों ने शिविर लगाकर कांवरियों को हलवा और चाय बांटा। नई सट्टी के समीप हनुमान मंदिर पर बाबा बर्फानी की झांकी सजाई। यह लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
सावन के अंतिम सोमवार को कांवरियों की काफी संख्या काशी गई। लोग शाम होते ही केशरिया वस्त्र धारण कर और लोटा, प्लास्टिक का गैलन आदि लेकर गंगा जल उठाने के लिए निकले। शाम छह बजते बजते लोगों का जत्था सड़क पर दिखा। बच्चे, बुजुर्ग, जवानों और महिलाओं का दल बोल बम का जयकारा लगाते हुए जा रहे थे। चंदौली सैयदराजा, पचफेडवा सहित अन्य इलाकों के भक्त राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो से ही वाराणसी के लिए रवाना हुए, जबकि चहनियां, धानापुर, सकलडीहा, अलीनगर, नगर के विभिन्न इलाकों से कांवरिये जीटी रोड होते हुए वाराणसी गए। इस दौरान बस स्टैंड, काली मंदिर, धर्मशाला रोड के समीप,चंदासी आदि स्थानों पर स्वयं सेवी संगठनों ने भक्तों को जलपान कराया।