आजमगढ़। ग्रामीण आबादी को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए गांवों में पानी की गुणवत्ता की जांच जल सखी करेंगी। इसके लिए जिले में 19 हजार से अधिक जल सखियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। हर सैंपल की जांच के बाद उसकी रिपोर्ट पोर्टल पर भी अपलोड करेंगी। गांवों में कई लोकल और इंडिया मार्का हैंडपंपों से दूषित पानी आने की शिकायत मिलती रहती हैं क्योंकि पानी में कई घुलनशील तत्व पाए जाते हैं। किसी भी तत्व की अधिकता होने पर और उसको पीने से कई बीमारियां भी होती हैं, लेकिन गांव के लोगों को दूषित पानी पीने से अब जल सखी बचाएंगी।
इसके लिए गांवों में पांच- पांच जल सखियों का चयन किया गया है। इन जल सखियों को प्रशिक्षण के दौरान पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए पूरी तरह से परिपक्व किया गया है। जिले के 3722 राजस्व गांवों में यह फ्लोराइड, क्लोराइड, कैल्शियम, आयरन, आर्सेनिक सहित 10 पैरामीटर पर पानी की गुणवत्ता की जांच करेंगी। जिले में 3722 फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) आया है। एक एफटीके कीट से पांच जल सखी जांच करेंगी। इससे वह लगभग 100 सैंपलों की जांच कर सकेंगी। जांच के बाद जो भी रिपोर्ट आएगी उसको उनको विभागीय पोर्टल पर अपलोड करना होगा।