चंदौली। आपकी पसंदीदा मिठाइयां कितनी ताजी हैं और कब तक खाने योग्य हैं, इसकी पूरी जानकारी आपको दुकान पर मिल जाएगी। 15 अक्तूबर से दुकानों में बिकने और भंडारण की जाने वाली मिठाइयों की ट्रे पर यूज बाई डेट (प्रयोग की अंतिम तिथि) का टैग लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इसमें लापरवाही बरतने पर दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा। विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा।
खाद्य विभाग की ओर से पिछले दिनों की गई निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाइयों में यह सामने आया कि ज्यादातर कारोबारी उपभोक्ताओं को मिठाई के बनने और खराब होने की तिथि की जानकारी नहीं देते हैं। विभाग के अनुसार, मिठाई की प्रकृति (जैसे-मावा, छेना या ड्राई फ्रूट्स) के आधार पर उनकी उपभोग अवधि 1 दिन से लेकर 30 दिन तक की होती है। समय बीतने के साथ मिठाई की गुणवत्ता और ताजगी प्रभावित होती है, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है।
अब तक केवल पैक्ड (डिब्बाबंद) मिठाइयों पर ही एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य था, लेकिन अब नए निर्देशों के तहत खुली मिठाइयों पर भी यूज बाई डेट प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
इसके साथ ही संबंधित प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस/पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर कारोबार पर रोक लगा दी जाएगी। कहा कि आदेश को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की विशेष टीमों का गठन किया जा रहा है। यह टीम 15 अक्टूबर से मिठाई की दुकानों, निर्माण इकाइयों और भंडारण गृहों का व्यापक निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाएगी।