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देवी का किया गया आह्वान

Sun, 02 Oct 2016 12:58 AM IST
chandauli
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काली मंदिर में दर्शन पूजन करतीं महिलाएं। - फोटो : chandauli
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शक्ति उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र की शुरूआत शनिवार को हुई। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गई। घरों में पुरोहितों को बुलाकर कलश स्थापित कराया गया और दस दिनों की आराधना के लिए मां का आह्वान किया गया। वहीं विभिन्न देवी मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। मां के जयकारों से दिनभर देवी धाम गूंजते रहे।  शक्ति उपासना का नौ दिवसीय पर्व शारदीय नवरात्र शनिवार को मां शैलपुत्री की अराधना के साथ शुरू हुआ। प्रथम दिन मंदिरों में लोग सूर्य की किरण फूंटते ही दर्शन-पूजन को उमड़ पड़े। वहीं घरों में भी लोगों ने कलश स्थापना के साथ ही विधि-विधान से पूजा-पाठ का क्रम शुरू किया। सुख, समृद्धि व शांति के लिए लोगों ने सर्वाधिक रूप से मां की पूजन-अर्चन किया। प्रथम दिन लोगों ने व्रत भी रखा। नवरात्र के मद्देनजर मंदिरों में चहल-पहल बनी रही। नगर के प्राचीन काली माता मंदिर, श्रीराम जानकी शिव मठ मंदिर, महावीर मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में भक्तों का तांता पूरे दिन लगा रहा। सुबह स्नान के बाद देवी मंदिरों में पहुंचकर माता के समक्ष माथा देगा और सुख-समृद्धि की कामना की। मान्यता है कि मां की अराधना करने से लोगों की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
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उधर, मुगलसराय मे नवरात्र के पहले दिन पूजन अर्चन की तैयारी सुबह से ही शुरू हो गई थी। पुरोहितों को बुलाकर नियत समय पर वैदिक मंत्रोच्चार पूर्वक कलश स्थापित किया गया। गणेश, वरूण, नवग्रह की पूजन अर्चन के बाद देवी के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गई। इसके बाद कवच, अर्गला, कीलक स्त्रोत्रम  के साथ दुर्गा सप्तशति के साथ ही वैकृतिक, प्रधान व मूर्ति रहस्य का पाठ किया गया। कई दुर्गा पूजा पंडालों में भी कलश स्थापित किया गया और पूजन अर्चन हुआ।  नगर के जीटी रोड स्थित काली मंदिर पर सुबह से ही भक्तों की दर्शन पूजन के लिए कतार लगी। रविनगर, कैलाशपुरी, नई बस्ती, शाहकुटी, काली महाल, गया कालोनी,आरपीएफ कालोनी, सेंट्रल कालोनी, लोको कालोनी सहित अन्य देवी मंदिरों पर भीड़ उमड़ी। वहीं पंडालों के निर्माण में तेजी आ गई। दुर्गा पूजा पंडालों के आस पास देवी गीतों के प्रसारण से मौहाल देवीमय हो गया था।
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