आजमगढ़। उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ और जनपद न्यायाधीश व अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आजमगढ़ के निर्देश पर शनिवार को सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अंकित वर्मा ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सचिव ने सबसे पहले कारागार में स्थापित लीगल एंड क्लीनिक का अवलोकन किया। उन्होंने जेल अधीक्षक और जेल विजिटिंग लॉयर को प्रिजन कानूनी एंड क्लीनिक मानक संचालन प्रक्रिया 2022 के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। निरीक्षण में जेल में सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।
बंदियों ने बताया कि उनके मुकदमों की पैरवी के लिए अधिवक्ता नामित हैं। सचिव ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि सभी सिद्धदोष बंदियों की जेल अपील समय पर उच्च न्यायालय में दाखिल की जाए तथा समयपूर्व रिहाई मामलों में नियमानुसार कार्यवाही की जाए। सचिव ने जेल अधीक्षक को यह भी निर्देश दिया कि जिन बंदियों की जमानत न्यायालय द्वारा दी जा चुकी है, लेकिन शलों को पूरा न कर पाने के कारण वे जेल में निरुद्ध हैं, उनका विवरण समय पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में प्रेषित किया जाए। इस अवसर पर जेल अधीक्षक आदित्य कुमार, जेलर रामनरेश गौतम, डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप सिंह उपस्थित रहे।