नौगढ़ तहसील क्षेत्र में आग लगने की घटनाएं ग्रामीणों के लिए लगातार गंभीर संकट बनी हुई हैं। आग लगने की स्थिति में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां चकिया से करीब 40 किलोमीटर और पीडीडीयू नगर से लगभग 70 किलोमीटर दूर से आती हैं, जिससे मौके पर पहुंचने में 3 से 4 घंटे तक का समय लग जाता है। इस देरी के कारण आग फैलकर भारी नुकसान कर देती है।
बैरगाढ़ निवासी रामाश्रय, श्रीनाथ यादव, चुप्पेपुर निवासी देवेश यादव, ठठवा निवासी अनिल यदुवंशी समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि जब तक दमकल वाहन पहुंचता है, तब तक वे खुद ही पाइप, बाल्टी और समरसेबल के सहारे आग बुझाने का प्रयास करते हैं। नौगढ़ तहसील के 43 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 123 गांव आते हैं, जिनकी आबादी एक लाख से अधिक है। इतनी बड़ी आबादी के बावजूद यहां फायर ब्रिगेड स्टेशन का अभाव लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। आग की घटनाओं से सबसे ज्यादा प्रभावित किसान होते हैं। खेतों में आग लगने से फसलें जल जाती हैं, वहीं जंगलों में आग से पेड़-पौधों के साथ वन्यजीवों पर भी संकट बढ़ जाता है। हाल की घटनाओं ने इस समस्या की गंभीरता को और उजागर किया है। मुख्य अग्निशमन कार्यालय पीडीडीयू नगर में स्थित है, जबकि सुविधा के लिए एक गाड़ी चकिया में तैनात रहती है। इसके बावजूद दूरी अधिक होने के कारण समय पर सहायता मिलना मुश्किल होता है। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से नौगढ़ में फायर स्टेशन स्थापित करने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यहां फायर ब्रिगेड स्टेशन स्थापित हो जाए, तो आगजनी की घटनाओं पर समय रहते काबू पाया जा सकेगा और जान-माल का नुकसान कम होगा।
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कोट-
प्राथमिकता है कि वन क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्रों को आग से बचाया जाए। इसके लिए रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी। जल्द ही फायर ब्रिगेड स्टेशन की व्यवस्था कराई जाएगी। विकास मित्तल, उप जिलाधिकारी, नौगढ़।