जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति अच्छी नहीं है। मुगलसराय में भोगावारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने का रास्ता ऐसा है कि यहां तक पहुंचते पहुंचते मरीज की स्थिति और बिगड़ जाती है। अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने की वजह से एक्सीडेंटल मरीजों का इलाज नहीं हो पाता है। तो वहीं धानापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आठ वर्षों से सर्जन ही नहीं है। चकिया सकलडीहा सीएचसी में मात्र एक हैंडपंप के सहारे ही सभी पानी पीते हैं। इसी तरह चकिया सीएचसी में जेनरेटर ही नहीं है।
मुगलसराय के भोगावारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दस वर्ष पहले शुरू हुआ, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। यही कारण है कि यहां संसाधनों का घोर अभाव बना हुआ है। इसके बदले नगर में पीपी सेंटर को विकसित कर राजकीय महिला स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया। यहां पिछले कई वर्षों से हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं है। एक्सरे तो होता है लेकिन प्लास्टर नहीं। यही नहीं रेलवे कालोनी से होकर अस्पताल तक जाने वाले रास्ते की हालत एकदम खस्ता है।
राजेश दुबे, रंजीत, मुकेश तिवारी, पिंटू यादव आदि ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी यहां पहुंचने में होती है। क्षेत्र के अनिल उपाध्याय नौधरा, राधेश्याम सिंह रसूलपुर, निसार अहमद बभनियावं, मकबूल असारी बभनियांव, सरफराज खान धानापुर, कलाम खान धानापुर आदि ने बताया कि छोटे मोटे आपरेशन के लिए अन्यत्र रेफर किया जाता है।
धानापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आठ वर्षों से सर्जन ही नहीं है। ऐेसे में आपरेशन थियेटर बंद है। प्रभारी डा. केके यादव ने बताया कि सुविधाओं की मांग की गई है। सकलडीहा स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पेयजल के लिए मात्र एक हैंडपंप लगा हुआ है।