नौगढ़ के बाघी गांव में युवक के मौत के बाद रोते बिलखते परिवार के लोग। संवाद
नौगढ़। क्षेत्र के बाघी गांव में रविवार को सुबह बिहार के कैमूर जिले के 24 वर्षीय युवक का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। एक साल पहले दुर्घटना में उसके पैर बुरी तरह जख्मी हो गए थे। डॉक्टरों ने पैर काटने की सलाह दी थी, जिसके बाद से वह तनाव में रहा था। वह अपनी बहन के घर रह रहा था।
धीरज यादव (24) बिहार के कैमूर जिले के दीघार गांव का निवासी था। वह अपनी बहन सोनी यादव और बहनोई के घर बाघी गांव में रहकर इलाज करा रहा था। परिवार के लोगों ने बताया कि एक साल पहले धीरज सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया था, जिसमें उसका पैर बुरी तरह जख्मी हो गया। लंबे इलाज के बावजूद उसके पैर में सुधार नहीं हुआ। परिजनों ने बताया कि हाल ही में डॉक्टरों ने जांच के बाद कहा था कि पैर काटना पड़ेगा, अन्यथा संक्रमण पूरे शरीर में फैल सकता है। इसके बाद से धीरज काफी परेशान और गुमसुम रहने लगा था।
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बहन ने देखा तो उड़ गए होश
रविवार को सुबह जब बहन सोनी यादव भाई को जगाने उसके कमरे में पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। आशंका होने पर किसी तरह दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। धीरज का शव कमरे के अंदर दरवाजे की कुंडी से साड़ी के सहारे लटका हुआ था। यह दृश्य देखते ही बहन की चीख निकल गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए और पुलिस को सूचना दी गई।
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बीमारी और लाचारी बनी वजह
सीओ नामेंद्र कुमार ने बताया कि 112 नंबर पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया आशंका है कि गंभीर बीमारी और मानसिक तनाव के कारण युवक ने यह कदम उठाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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