चकिया। विकास खंड के सिकंदरपुर गांव में अपात्र को आवास आवंटन के आरोप में जांच के उपरांत मुख्य विकास अधिकारी अजीतेंद्र नारायण ने ग्राम विकास अधिकारी प्रदीप कुमार से आवास की धनराशि की वसूली करने का आदेश दिया है। आदेश के अनुसार रिकवरी नहीं होने तक ग्राम विकास अधिकारी वेतन अवरूद्ध रहेगा।
सिकंदरपुर गांव में वर्ष 2017-18 में गांव निवासी एनुल हक उफ़ॱर एनू पुत्र मोहम्मद कासिम का नाम पात्रता सूची के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में भेजा गया था । आरोप था कि ग्राम विकास अधिकारी प्रदीप कुमार द्वारा लाभार्थी की आईडी में हेरफेर कर आवास को रहमान पुत्र बदरुद्दीन को आवंटित कर दिया गया। रहमान ने आवास की धनराशि निकालकर आवास भी पूर्ण कर लिया। इस धांधली की जानकारी होने पर ऐनुल हक ने आवास आवंटन की जांच की मांग की थी। जांच के बाद रिपोर्ट में ग्राम विकास अधिकारी को दोषी बताया गया । इसके उपरांत मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी से आवास की धनराशि एक लाख 30 हजार तथा मनरेगा में हुए कार्य की धनराशि रिकवरी का आदेश दिया गया है।