चहनियां। पितरों के तर्पण का पर्व पितृपक्ष का समापन रविवार को होगा। इस दिन पितरों को पिंडदान करने के लिए आस्थावान गंगा घाटों पर जुटेंगे। बाढ़ के बाद गंगा घाटों पर साफ सफाई नहीं हुई है। घाटों पर सिल्ट जमा है। इससे पिंड देने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। क्षेत्रीय लोगों ने घाटों की सफाई की मांग की है।
पश्चिमवाहिनी बलुआ गंगा घाट सहित अन्य घाटों पर पितृविसर्जन पर पितरों को जल देने और पिंडदान करने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। इस वर्ष पिछले माह बाढ़ आई थी। गंगा तटों से गांवों तक पहुंच गई। हालांकि जल्द ही जल स्तर में कमी आई लेकिन घाटों पर सिल्ट का जमाव हो गया। कीचड़ और गंदगी की वजह से गंगा तट पर बैठने लायक भी जगह नहीं बचा है। वहीं बलुआ घाट तक पहुंचने वाले रास्ते पर भी कीचड़ है। इससे पिंडदान करने वालों को परेशानी होगी। क्षेत्र के लोगों ने गंगा घाट की सफाई की मांग की है। संवाद