मथुरा से पटना जा रही मथुरा पटना एक्सप्रेस गुरुवार को पार्सलयान का दरवाजा
बंद किए बिना ही रवाना हो गई। आरपीएफ व ट्रेन के गार्ड को इसकी भनक तक
नहीं लगी।
यह तब हुआ जब ट्रेनों मेें लगे पार्सलयानों की सील की
जांच करने के लिए प्लेटफार्मों पर बाकायदा आरपीएफ सील चेकर की ड्यूटी तक
लगाई जाती है। इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी पार्सल विभाग और आरपीएफ ने
मामले से अनभिज्ञता जताई है।
मथुरा से पटना जा रही डाउन मथुरा पटना
एक्सप्रेस ट्रेन गुरुवार की दोपहर लगभग सवा दो बजे मुगलसराय रेलवे स्टेशन
के प्लेटफार्म संख्या दो पर पहुंची।
तभी कुछ यात्रियों ने देखा कि इंजन के
पीछे लगे पार्सलयान का दरवाजा खुला हुआ है जिसमें कुछ बोरे व सील पैक एक
मोटरसाइकल खड़ी है। इसकी जानकारी जब तक वे लोग किसी को दे पाते तक सिग्नल
होने पर ट्रेन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गयी।
रास्ते में भी माल सुरक्षित
रहे इसके लिए विभिन्न स्टेशन पर पासर्लयान या बोगियों की सील जांच की
जिम्मेदारी आरपीएफ को दी गयी है। पार्सलयान का दरवाजा खुला ही रह गया।
सील
तोड़कर सामान निकाल लिये जाने की घटनाएं कई बार हो चुकी है। कुछ दिनों
पूर्व सिकटियां फाटक के समीप कुछ शरारती तत्वों ने डाउन चंबल एक्सप्रेस में
पीछे की ओर लगे पार्सलयान की सील तोड़कर टायर व टाफी के पैकेट्स निकाल
लिये थे।
आरपीएफ वेस्ट पोस्ट प्रभारी वेंकटेश प्रसाद ने इस तरह की किसी
भी घटना की जानकारी होने से इंकार किया है। इस संबंध में पार्सल विभाग भी
मौन है।