पीडीडीयू नगर। लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार दोपहर दो बजे तक जलस्तर 70.07 मीटर पहुंच गया। यह बाढ़ के चेतावनी बिंदु 70.242 मीटर से महज 17.2 सेंटीमीटर नीचे है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर 81 सेंटीमीटर बढ़ा है।
बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण अगस्त की शुरुआत में गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा था। खतरे के निशान तक पहुंचने के बाद बढ़ोतरी की रफ्तार कम हुई और करीब एक सप्ताह पहले जलस्तर घटने लगा था। जलस्तर कम होने से तटवर्ती इलाकों में कटान तेज हो गया था।
शुक्रवार से एक बार फिर जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। रविवार दोपहर दो बजे जलस्तर 69.26 मीटर था।
सोमवार को यह बढ़कर 70.07 मीटर पहुंच गया। जिले में गंगा के तटवर्ती इलाकों में सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 36.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इससे जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका है। लगातार बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती इलाकों में हड़कंप मचा है और बाढ़ की आशंका को लेकर लोग परेशान हैं।
चहनियाः गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि के कारण तटीय बस्तियों में चिंता बढ़ गई है। बलुआ स्थित पक्के घाट की सभी सीढ़ियां जलमग्न हो चुकी हैं। पानी घाट परिसर में बने टीन शेड, यात्री विश्रामालयों और पक्के घाट को डुबो चुका है। श्मशान घाट भी जलमग्न हो गया है। बलुआ, सराय, कांवर, महुअरिया, बिसुपुर, महुआरी खास, डेरवा, हरधन, टांडा, बड़गांवा, तीरगांवा और नादी-निधौरा आदि गांवों में कटान से लोग परेशान हैं।
टांडाकलाः गंगा का जलस्तर बढ़ने से टांडा घाट पर मां घटवारी मंदिर की तीन सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। महुवर कला, विजईपुरा, गणेशपुरा, चकरा, सोनबरसा, टांडाकला, टांडा खुर्द, सरौली, मोहम्मदपुर, जमालपुर, तिरगावां, निधौरा, बड़गावां और सैफपुर आदि तटवर्ती गांवों के लोग चिंतित हैं।