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खतरे के निशान को पार कर गई गंगा, गांव तक पहुंचा पानी

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पीडीडीयू नगर। गंगा के जल स्तर में लगातार बढ़ोत्तरी जारी है। शनिवार की सुबह दस बजे गंगा का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर गया। अभी भी जल स्तर चार सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसे में गंगा का पानी गांव के मुहाने तक पहुंच गया है। ग्रामीणों के अनुसार यदि इसी रफ्तार से पानी की बढ़ोत्तरी जारी रही तो कभी भी घरों में पानी घुस जाएगा। बाढ़ की आशंका से ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीण सुरक्षित स्थान की तलाश करने लगे हैं।
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पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश का असर गंगा में दिखने लगा है। जल स्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। एडीएम अतुल कुमार के अनुसार रविवार की सुबह गंगा का जल स्तर खतरे के निशान 71.262 मीटर को छू गया। यही नहीं अभी भी लगातार चार सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। ऐसे में गंगा का पानी सिवान से आगे बढ़कर गांव के रिहायशी इलाके तक पहुंच गया है। जिस तेजी से पानी बढ़ रहा है। उससे सोमवार तक गांव में घरों तक पानी पहुंचने की आशंका है। लोग गृहस्थी के सामान व पशुओं को ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने लगे हैं।
जिले में नियामताबाद ब्लाक के जलीलपुर, कुंडा, बहादुरपुर, मवई कला सहित अन्य गांवों में गंगा कटान तेजी पर है। दुलहीपुर संवाददाता के अनुसार कुंडाखुर्द गांव के मल्लाह बस्ती में कटान तेजी पर है। इससे ग्रामीण परेेेशान हैं। चहनियां संवाददाता के अनुसार ब्लाक के रौना, कैली, भूपौली, डेरवा, महड़ौरा, कांवर, पकड़ी, महुअरिया, विशापुर, महुआरी, सराय, बलुआ,डेरवा, महुअर, जुड़ा हरधन, गंगापुर, पुरा विजयी, पुरा गनेश, सोनवरसा, टांडा, महमदपुर, सरौली, जमालपुर, बड़गांवा, शेरपुर, सरैया, हसनपुर, तिरगाव, भूसौला, मकुंदपुर, सहेपुर आदि तटवर्ती गांवों में पानी पहुंचने लगा है। धानापुर संवाददाता के अनुुसार गंगा नदी में लगातार हो रही जलवृद्धि से तटवर्ती ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के तटवर्ती नौघरा, बुद्धपुर, हिंगुतरगढ़, दीयाँ-रामपुर, प्रसहटां, गद्दोचक, नेकनामपुर, करीं, नादीं, निधुरा, नरौली, नगवां, अमादपुर, मेढ़वां, सकरारी, कोहणां, पपरौल, प्रहलादपुर, गुरैनी आदि गांवों की फसलें डूबनें से किसान काफी परेशान हैं। किसानों का कहना है कि इसी तरह यदि जलस्तर में वृद्धि बनी रही तो गांव से पलायन की स्थिति हो जाएगी। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी अतुल कुमार ने बताया कि बाढ़ को लेकर प्रशासन एलर्ट है।
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सकलडीहा। स्थानीय तहसील के बाढ़ की स्थिति को देखते हुए रविवार को एसडीएम अजय मिश्र ने गंगा के तटवर्टी इलाके में भ्रमण कर वस्तु स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम सबसे पहले बलुआ घाट पहुंचे और वहां के ग्रामीणों का हाल चाल लिया। आश्वासन दिया कि बाढ से निबटने की पूरी तैयारी है घबराएं नहीं। एसडीएम ने गंगा के तटवर्ती भूपौली, डेरवा, महड़ौरा, कावर, पकड़ी, बलुआ, डेरवा, महुअर, जुड़ा हरधन, पुरा विजयी, सोनबरसा, टांडा कला, महमूदपुर, शेरपुर, सरैया, हसनपुर गांवों का जायजा लिया। एसडीएम ने निगरानी के लिए बनी चौकियों का भी निरीक्षण किया।
सकलडीहा। स्थानीय तहसील के चहनियां और धानापुर ब्लॉक में दो मॉडल चौकी सहित 13 चौकी स्थापित की गई है। इसकी निगरानी के साथ पशुओं को चारा और नाव की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। संबंधित राजस्व निरीक्षक और कोटेदार और प्रधानों को जिम्मेदारी दी गई है।
बाढ़ से निम्न स्तर के प्रभावित होने वाले 43 गांव चिह्नित किए गए हैं। यहां प्रत्येक किसानों का 8 से 10 हेक्टयर नुकसान होता है। वहीं मध्यम स्तर के 16 गांव चिह्नित हैं, इसमें किसानों 25 से 50 हेक्टयर तक फसलों का नुकसान होता है। सबसे अधिक प्रभावित 14 गांव हैं, यहां किसानों का 50 से अधिक हेक्टयर नुकसान होने की आशंका है। इन गांव की सुरक्षा के लिये दो मॉडल बाढ़ शरणालय मारूफपुर और नेकनामपुर का चयन किया गया है। इसके अलावा भूपौली, नादी निधौरा, मथेला, बलुआ, टांडा कला, चहनिया, धानापुर, अमादपुर, डबरिया, बीरासराय आदि 13 बाढ़ चौकी की स्थापित की गई है। बाढ़ के दौरान कुल 14 परिषदीय विद्यालय बंद हो जाता है। सुरक्षा के लिए आठ बड़ी नाव , 12 मझोली और 39 छोटी नाव और छह गोताखोर का चयन किया गया है। इस संबंध में एसडीएम अजय मिश्रा ने बताया कि बाढ़ को लेकर तहसीलदार डॉ. वंदना मिश्र के नेतृत्व में नोडल अधिकारियों की नियुक्त किया गया है।
गंगा के जल स्तर में लगातार बढ़ोत्तरी जारी है। शनिवार की सुबह दस बजे गंगा का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर गया। अभी भी जल स्तर चार सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। गंगा का जल स्तर खतरे के निशान 71.262 मीटर को छू गया।
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रिपोर्ट और संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र
बाइट-3900
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