चंदौली। जिला अपर सत्र न्यायाधीश पारितोष श्रेष्ठ की अदालत ने डकैती, हत्या के प्रयास, लोकसेवक को सरकारी काम से रोकने एवं सार्वजनिक संपत्ति व अवैध कब्जे के मामले की सुनवाई की। उन्होंने इस मामले में नौगढ़ थाने में दर्ज मुकदमा के आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया।
अपर सत्र न्यायाधीश पारितोष श्रेष्ठ की अदालत ने मंगलवार को नौगढ़ थाने में दर्ज मुकदमे में आरोपी मुन्ना विश्वकर्मा व रामसजीवन कुशवाहा को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और पीपी एक्ट के आरोपों से दोषमुक्त करार दिया। न्यायालय ने आरोपी लालब्रत कोल और हरिशंकर को दोषमुक्त करार दिया। आरोपी रामसजीवन जिला कारागार वाराणसी में निरुद्ध है, जबकि आरोपी मुन्ना विश्वकर्मा, मंडल कारागार कैमूर भभुआ बिहार में निरुद्ध है। न्यायालय ने अपने आदेश में इस मामले में आरोपियों की रिहाई का परवाना अविलंब संबंधित कारागार भेजने को कहा है।