फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंदौली: एसडीएम से मिलने  पहुंचे  पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू के बिगड़े बोल, बोले- सरकार बदलेगी तो  बदला लिया जाएगा 

Sat, 19 Dec 2020 12:39 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंदौली
विज्ञापन
धान क्रय केंद्र। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

किसानों के हित की बात करने वाले विपक्षी दल के नेताओं को सरकार के इशारे पर पुलिस गिरफ्तार कर जेल में डाल रही है। मामूली धाराओं में जनप्रतिनिधियों को चार दिनों तक जेल में रखा जा रहा है। प्रदेश सरकार निरंकुश हो चुकी है, लेकिन अधिकारी यह न भूलें कि सरकारें बदलती रहती हैं। सरकार बदली तो बदला लिया जाएगा। यह कहना है समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू का।

विज्ञापन


वे शुक्रवार को धान क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं होने के मामले में चंदौली जिले के  एसडीएम सकलडीहा से मिलने गए थे। इसके बाद वह सकलडीहा तहसील परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

कहा कि क्रय केंद्रों पर बोरों के अभाव में धान की खरीदारी ठप है। वहीं कुछ क्रय केंद्र प्रभारी दबाव में चिह्नित लोगों के घरों पर बोरा भेज रहे हैं। पूर्व विधायक ने क्रय केंद्र प्रभारी और अधिकारियों के खिलाफ विरोध जताया। एसडीएम प्रदीप कुमार से मिलकर क्रय केंद्रों पर की जा रही मनमानी पर रोक लगाने की मांग की।
विज्ञापन


विधायक ने एसडीएम की कुर्सी पर भगवा रंग का तौलिया देख कहा कि सरकार को खुश रखने के लिए कुछ अधिकारी भगवाधारी बन गए हैं।  विधायक के तेवर देख एसडीएम ने चुप्पी साध ली। पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि जनौली सोसाइटी से उनके गांव माधोपुर में कुछ लोगों को एक-एक हजार बोरी सौंप दी गई हैं।
 

विज्ञापन

वहीं दूसरे किसान बोरे के अभाव में धान नहीं बेच पा रहे हैं। किसानों की आवाज उठाने पर सत्ता पक्ष के दबाब में उन्हें मामूली धाराओं में दो बार जेल भेज दिया गया। सत्ता पक्ष के नेताओं के दबाव में अधिकारी से लेकर कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। एसडीएम ने मौके पर नायब तहसीलदार बृजेश सिंह को भेजकर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। 

वेतन नहीं मिला तो बंद किया क्रय केंद्र
वेतन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए सकलडीहा तहसील क्षेत्र के बछौली क्रय केंद्र पर तैनात प्राइवेट कर्मचारी ने शुक्रवार को केंद्र को बंद कर दिया। इससे धान बेचने आए किसान परेशान रहे। वहीं जब केंद्र प्रभारी विजय सिंह से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं उठा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें