21 दिसंबर को आरोपी कानूनगो रामदुलार राम और अपात्र लाभार्थी बिहार निवासी हरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं गुरुवार को तत्कालीन तहसीलदार व फिरोजाबाद के एडीएम पद से सेवानिवृत हुए शीतला प्रसाद ने सीजेएम कोर्ट में समर्पण कर दिया।
जबकि पुलिस ने सैयदराजा नगर पंचायत के वॉर्ड 13 के वर्तमान सभासद और आवास आवंटन के समय सभासद के पति रहे सगीर अहमद को गिरफ्तार कर लिया। सदर कोतवाल राजीव प्रताप सिंह ने बताया कि सगीर हिस्ट्रीशीटर भी है। दोनों को कोर्ट में पेश होने के बाद वाराणसी जेल भेज दिया गया।
कांशीराम आवास आवंटन घोटाले में 2013 में चंदौली में मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचक रहे और मामले से संबंधित कई उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें आजमगढ़ में तैनात उपनिरीक्षक राकेश सिंह, मिर्जापुर में तैनात उपनिरीक्षक अजय कुमार सिंह यादव और माधव सिंह, जौनपुर जिले में तैनात उपनिरीक्षक सुनील कुमार चौरसिया, भदोही जनपद में तैनात इंद्र प्रताप यादव, कौशांबी जनपद में तैनात धीरेंद्र कुमार सिंह, चंदौली जिले में तैनात उप निरीक्षक शिव शंकर सिंह शामिल हैं।
इसी तरह आजमगढ़ में तैनात इंस्पेक्टर बालमुकुंद मिश्रा और राम उजागिर, मऊ जिले में तैनात इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार शुक्ला, गाजीपुर जिले में तैनात तेज बहादुर सिंह, चंदौली जिले के बलुआ थाना प्रभारी के रूप में तैनात इंस्पेक्टर विनय प्रकाश सिंह और चंदौली जनपद में तैनात अपराध विवेचना शाखा के पूर्व इंस्पेक्टर अरविंद कुमार यादव के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए मामले में 15 दिन के अंदर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
इतना ही नहीं हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब पुलिस के क्षेत्राधिकारियों पर भी गाज गिरने की उम्मीद है, जो इसकी विवेचना की सही तरह से मॉनिटरिंग नहीं कर पाए थे। शुक्रवार को चंदौली के पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल को हाईकोर्ट में पेश होकर इस मामले में अब तक की गई कार्यवाही की जानकारी पेश करनी है।