सुबह जब पत्नी को फोन किया तो फोन नहीं उठा। फिर साले सत्यम को फोन किया तो उसका भी फोन नही उठा। घर के मोबाइल पर फोन किया तो उनकी सात वर्षीय पुत्री आरोही ने फोन उठाया। सियाराम ने उसे मां से बात कराने को कहा। इस पर पुत्री आरोही और पांच वर्षीय पुत्र सिद्धार्थ जब फार्म पर गए तो देखा कि मां और मामा दोनों जमीन पर गिरे पड़े हैं।
पुत्री ने फोन कर पिता को पूरी जानकारी दी। थोड़ी ही देर में घटना की जानकारी पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाना चाहा पर परिजनों ने इसे दुर्घटना बताते हुए पोस्टमार्टम न कराने का अनुरोध किया। कहा कि अचानक घटना घटी है। यह कोई आपराधिक मामला नहीं है इसलिए वे शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते हैं। इस अनुरोध के बाद पुलिस ने पंचनामा कर शवों को परिजनों को सौंप दिया।
धानापुर थाना क्षेत्र के शांतिपुर तोरवा गांव निवासी सत्यम उपाध्याय दौड़ व राइफल शूटिंग का उभरता खिलाड़ी था। वह कई मेडल और ट्राफी भी जीत चुका था। उससे परिजन सहित क्षेत्र के लोगों को काफी उम्मीदें थीं। उसके पिता मुन्ना उपाध्याय की मौत करीब 15 वर्ष पहले कार दुघर्टना में हो चुकी थी। वहीं सत्यम अक्सर बहन के गांव बहेरी जाकर उसकी मदद आदि करता था। बुधवार को भी वह बहन के घर गया था। दोनों सुबह पोल्ट्री फार्म के लिए निकले और बड़ा हादसा हो गया। संवाद