पीडीडीयू नगर। चंदौली जिले में पहली बार हनी ट्रैप के जरिये जनवरी 2015 में मुगलसराय के मैनाताली निवासी व्यापारी के बेटे अपहरण का मामला सामने आया था। आरोपियों ने व्यापारी से दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। उन्होंने अपहृत युवक पटना और दानापुर के बीच रूपसपुर में रखा था। बाद में एसओजी की टीम ने उसे रूपसपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर पेट्रोल पंप के पास से बरामद कर लिया था।
सूत्रों के अनुसार मुख्य आरोपी दिलीप कुमार सिंह कई जगह पर अपने लोगों को स्लीपर सेल के रूप में तैनात कर रखा था। उनके जरिये क्षेत्र के बड़े व्यापारियों के मोबाइल नंबर हासिल करता था। इसके बाद फोन से उनसे बातचीत शुरू होती थी। आरोपी ने समस्तीपुर के एक व्यक्ति के जरिये पीडीडीयू नगर में संपर्क बनाकर पीयूष भारूका का मोबाइल नंबर हासिल किया था। इसके बाद एक लड़की ने पीयूष से फोन पर वार्ता शुरू की। पुलिस के अनुसार लड़की ने पीयूष को अपनी बातों के जाल में फंसाया। इसके बाद 16 जनवरी को मानस नगर गेट के पास से उसका अपहरण हो गया था।
आरोपियों ने पीयूष के पिता पवन कुमार भारूका से दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। वहीं, एसओजी पुनीत परिहार और नदीम फरीदी आरोपियों की तलाश में जुटे थे। पुलिस की जांच में हनी ट्रैप की बात सामने आई थी। 18 दिन के भीतर एसओजी की टीम ने पटना और दानापुर के बीच रूपसपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर एक पेट्रोल पंप के पास से पीयूष को मुक्त करा लिया था।