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लोकतंत्र के सशक्तीकरण के लिए न्याय पालिका का सशक्त होना जरूरी : सीएम

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चंदौली में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सूर्यकांत को स्मृति चिन्ह भेंट करते मुख्यमंत्री योगी आदित - फोटो : 1
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पीडीडीयू नगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र के सशक्तीकरण के लिए न्याय पालिका का सशक्त होना अत्यंत जरूरी है। इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स (एकीकृत कोर्ट परिसर) के निर्माण से एक छत के नीचे न्याय से जुड़ी सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
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उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि इससे न्यायपालिका के इतिहास में एक नए पृष्ठ का सृजन हो रहा है। वह शनिवार को छह जिलों के इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।



उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए दिन-रात काम किया जा रहा है। न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती दी जा रही है। सीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस. सूर्यकांत ने सुझाव दिया था कि कोर्ट कॉम्प्लेक्स भी इंटीग्रेटेड होने चाहिए। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के 10 जनपदों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित किया गया है, जहां इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। इनमें से छह जनपदों के लिए धनराशि जारी कर दी गई है और अब भूमि पूजन के साथ निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
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उन्होंने कहा कि हम हर जिले में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाना चाहते हैं। जनहित के कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार न्यायपालिका को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य एलएंडटी कंपनी कराएगी। इससे निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी।
सीएम योगी ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों का स्वागत करते हुए कहा कि चंदौली सहित पूरे उत्तर प्रदेश के लिए यह गौरव का विषय है। उन्होंने काशी विश्वनाथ की पावन धरती और प्रदेश की जनता की ओर से अतिथियों का अभिनंदन किया।
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