ये है पूरा मामला
बीते दो जनवरी की दोपहर में प्रिंस ने अपनी मां से 500 मांगे और जूता खरीदने के लिए घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक घर वापस नहीं आया। परिजनों ने उसकी खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चला। बाद में पता चला कि वह वाराणसी राजघाट स्थित चंदन शहीद मजार के पास देखा गया है।
परिजन वहां पर भी जाकर पता लगाया, लेकिन पता नहीं चल पाया। 7 जनवरी को शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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बीते आठ जनवरी को पोस्टमार्टम से मृतक का शव आने के बाद परिजन व ग्रामीण सैकड़ों की संख्या में घरों से निकलकर पड़ाव पीडीडीयू नगर मार्ग पर जलीलपुर चौकी के सामने सड़क पर शव को रखकर चक्का जाम कर दिया। चक्का जाम की सूचना मिलते ही महिला थाना सहित तीन थानों की फोर्स सहित सीओ सदर मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने में जुट गए। लेकिन बात नहीं बन पाई।
उसके बाद परिजनों ने एक व्यक्ति ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने व चौकी पर सिपाही के निलंबन की मांग को लेकर अड़े रहे। जिस पर प्रशासन के आश्वासन पर लगभग 40 मिनट बाद चक्का जाम समाप्त हुआ। उसके बाद पुनः पड़ाव पीडीडीयू नगर मार्ग शव रखकर एक घंटे जाम कर दिया। इस पर मुगलसराय पुलिस ने बृहस्पतिवार को 68 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया। पीडीडीयू नगर के सीओ आशुतोष ने बताया कि मृतक के किसी परिजन पर मुकदमा दर्ज नहीं है।
इन लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा
सीओ आशुतोष ने बताया कि सड़क जाम करने, आवागमन को प्रभावित करने, सरकारी संपत्ति को नष्ट करने, जनता के बीच भय का माहौल बनाने और आक्रोशित करने के लिए उकसाने के लिए मढि़या गांव निवासी बबलू, सुलोचन, लाल बिहारी, राजू, गणेश, कल्लू, रिंकू, श्यामसुंदर, विक्की, चन्ना बंगाली, रेहाना, सुरैया, कल्लू, भोला, राहुल, शशि, विकास विश्वकर्मा और मंजू सहित 18 लोगों पर नामजद और 50 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।