आरोप है कि ग्राम प्रधान ने ग्राम समाज की भूमि बताकर, वहां मड़ई लगाने से इनकार कर दिया। जबकि सुदामा ने उसे अपनी पुश्तैनी जमीन बताया। इस पर ग्राम प्रधान ने लेखपाल अमरेश यादव को मौके पर बुला लिया। जमीन नापने के दौरान दोनों पक्षों में नोकझोंक हो गई। तब तक प्रधान पक्ष के लोगों ने सुदामा पासवान के घर में घुसकर उसके परिवार के लोगों को मारपीट कर घायल कर दिया।
इससे अरुण कुमार(38), मिथिलेश कुमार(35), बलराम पासवान(55), प्यारी देवी(90), वीरेंद्र पासवान(38), सुदामा पासवान(60), रिशु(22), पिंकी देवी(30), रमवंती(53), कैलाशी(58), संयुक्ता(30), संगीता(35) घायल हो गए। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी अजय मिश्रा, पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रीति त्रिपाठी, थानाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी, चकिया कोतवाल नागेंद्र प्रताप सिंह काफी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गई।
इसके बाद घायलों को इलाज के लिए चकिया स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां मिथिलेश कुमार और अरुण कुमार की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने वाराणसी स्थित ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। इस संबंध में सीओ चकिया प्रीति तिवारी ने बताया कि पीड़ित पक्ष से मिली तहरीर के आधार पर प्रधान समेत चार लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस एवं पीएसी के जवानों का पहरा लगा दिया गया है।