पीडीडीयू नगर। सुंदर-मुंदरिए हो, तेरा कोन विचारा हो, दुल्ला भट्टी वाला हो, आ गई लोहड़ी वे..बना लो जोड़ी वे..जैसे पारंपरिक गीत-संगीत के साथ नगर के बृहस्पतिवार को लोहड़ी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान सिख समुदाय के लोगों ने गुरुद्वारे और घरों में लकड़ियां सजाकर लोहड़ी जलाई। इसके बाद उसमें मूंगफली,तिल, रेवड़ियां और चावल डालकर सुख समृद्धि की कामना की गई।
हर वर्ष सिख समुदाय की ओर से लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी को मनाया जाता है। इसके लिए लोग सुबह से तैयारियों में जुट जाते हैं। शाम को लकड़ियां एकत्र कर उसमें अग्नि प्रज्ज्वलित कर लोहड़ी का पर्व मनाया जाता है। लोग लोहड़ी के फेरे लेकर उसमें मूंगफली, तिल, रेवड़िया व चावल डालकर सुख समृद्धि की कामना करते हैं। इस अवसर लोग पारंपरिक गीत व ढोल की थाप पर नृत्य भी किया जाता है। नगर के जीटी रोड स्थित गुरुद्वारे के बाहर बृहस्पतिवार की शाम लोहड़ी सजाई गई। सिख समुदाय के लोगों ने गुरुद्वारे में माथा टेका और लोहड़ी में मूंगफली, रेवड़ी, तिल को डालकर आशीर्वाद लिया। इसके अलावा भी शहर में कई लोगों ने घरों में लोहड़ी सजाई। जहां ढोल की थाप पर लड़कियों और लड़कों ने जमकर नृत्य किया।
शादी के बाद यह पहली लोहड़ी है। ऐसे में इसे पूरे धूमधाम के साथ मनाया गया। सुबह से परिवार के विभिन्न सदस्यों की ओर से लोहड़ी की बधाई दी गई। परिवार के साथ पर्व मनाकर इसका खूब लुत्फ उठाया। - सिमरत सिंह व भवनीत कौर, पीडीडीयू नगर
विवाह के बाद पहली लोहड़ी होने के कारण इसकी तैयारियां सुबह से ही शुरू हो गई थी। शाम को गुरुद्वारे जाकर गुरु ग्रंथ साहिब के सामने परिवार के साथ माथा टेका और लोहड़ी सजाकर परिवार की खुशहाली की कामना की। - विशु सिंह व सिमरन कौर, पीडीडीयू नगर
लोहड़ी के पर्व को देखते हुए मूंगफली, पट्टी, रेवड़ियां व अन्य सामानों की खरीदारी पहले ही कर ली गई थी। शाम को परिवार के साथ गुरुद्वारे जाकर लोहड़ी का पर्व मनाया गया। पहली लोहड़ी होने कारण ये जिंदगी भर याद रहेगी ।- जसप्रीत सिंह व सुप्रीत कौर, पीडीडीयू नगर